देश में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच ओडिशा सरकार ने ऐलान किया है कि छात्रों को परीक्षा केंद्र तक मुफ्त साधन उपलब्ध कराया जाएगा.
ओडिशा के मुख्य सचिव असित कुमार त्रिपाठी ने कहा है कि जरूरतमंद छात्रों के लिए रुकने का इंतजाम भी सरकार की ओर से कराया जाएगा.
मुख्य सचिव ने कहा कि जेईई के परीक्षार्थियों के लिए किसी तरह की यात्रा संबंधी पाबंदी नहीं लगाई जाएगी. वे प्रवेश पत्र दिखाकर लॉकडाउन में भी आ और जा सकेंगे. जिन छात्रों के परिजन और एग्जाम करा रहे अधिकारी छात्रों के आने-जाने का इंतजाम नहीं करा पा रहे, उनके लिए सरकार इंतजाम करेगी.
उन्होंने बताया कि जरूरतमंद छात्रों के लिए पॉलीटेक्निक इंस्टिट्यूट्स, इंजीनियरिंग कॉलेज और आईटीआई में रुकने की व्यवस्था की जाएगी. छात्रों को उनके गृह नगर से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए बसें चलाई जाएंगी. मुख्य सचिव ने साथ ही यह भी जोड़ा कि यदि 31 अगस्त तक हमें छात्रों के संबंध में जानकारी नहीं मिलती है, तो इंतजाम करना मुश्किल हो जाएगा.
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उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में एक आईटीआई को नोडल सेंटर घोषित कर दिया गया है. संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दे दिया गया है कि जरूरतमंद छात्रों के रुकने का इंतजाम करें.
राज्यसभा सांसद अमर पटनायक ने सरकार के इस कदम की सराहना की है. उन्होंने कहा कि दूर-दराज के इलाकों से आने वाले छात्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया गया है. मुझे नहीं लगता कि इस परीक्षा के लिए इतनी तैयारी किसी राज्य ने की हो.
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बताया जाता है कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा था. सीएम ने परीक्षा टालने के विषय में पीएम मोदी से भी बात की. परीक्षा टालने की दिशा में कोई पहल न होते देख मुख्यमंत्री पटनायक एक्शन में आए और अधिकारियों को छात्रों की सुविधा के लिहाज से हर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए. गौरतलब है कि प्रदेश के कई इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं. पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधनों का परिचालन भी ठप पड़ा है. ऐसे में सबसे अधिक दिक्कत आवागमन को लेकर ही थी.
बता दें कि ओडिशा के सात शहरों में जेईई के लिए 26 सेंटर बनाए गए हैं. इन परीक्षा केंद्रों पर 37 हजार छात्र परीक्षा देंगे. जेईई की परीक्षा 1 से 6 सितंबर के बीच होनी है. वहीं, नीट का आयोजन 13 सितंबर को होगा. विपक्षी दल और छात्र कोरोना की महामारी के बीच परीक्षा कराए जाने का विरोध करते हुए आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों ने परीक्षा टालने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया था.