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'नरेश गोयल को घातक बीमारी, उन्हें जांच-इलाज की जरूरत', जेट एयरवेज फाउंडर के लिए वकील ने मांगी जमानत

74 वर्षीय गोयल ने 15 फरवरी को अदालत का रुख करते हुए कहा कि उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता है क्योंकि निजी डॉक्टरों द्वारा किए गए परीक्षणों से पता चला है कि उनकी आंत में छोटे ट्यूमर हैं. मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम मामलों के न्यायाधीश एम जी देशपांडे ने रिपोर्ट की जांच के लिए जे जे अस्पताल द्वारा एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया.

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नरेश गोयल ने बीमारी का हवाला देकर फिर मांगी जमानत (फाइल फोटो)
नरेश गोयल ने बीमारी का हवाला देकर फिर मांगी जमानत (फाइल फोटो)

जेजे अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने शुक्रवार को एक विशेष अदालत को जानकारी दी है कि, जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल एक घातक बीमारी से जूझ रहे हैं. निजी मेडिकल रिपोर्ट में गोयल की आगे की जांच के जरूरी होने के बाबत भी जानकारी दी है. रिपोर्ट में कहा गया नरेश गोयल किस घातक बीमारी से ग्रस्त हैं इसे ठीक से जानने के लिए उनकी जांच की जरूरत है, ताकि सही इलाज हो सके.

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वहीं, दूसरी ओर ईडी ने स्वास्थ्य के आधार पर नरेश गोयल को दी जाने वाली उनकी अंतिरम जमानत याचिका का विरोध किया, साथ ही कहा कि उनका इलाज शहर के टाटा मेमोरियल अस्पताल में किया जा सकता है. बता दें कि ईडी ने नरेश गोयल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है.

क्या है नरेश गोयल को बीमारी?
74 वर्षीय गोयल ने 15 फरवरी को अदालत का रुख करते हुए कहा कि उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता है क्योंकि निजी डॉक्टरों द्वारा किए गए परीक्षणों से पता चला है कि उनकी आंत में छोटे ट्यूमर हैं. मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम मामलों के न्यायाधीश एम जी देशपांडे ने रिपोर्ट की जांच के लिए जे जे अस्पताल द्वारा एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया.

यह भी पढ़िएः जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल को डिटेक्ट हुआ कैंसर, इलाज के लिए स्पेशल कोर्ट से मांगी अग्रिम जमानत

सुनवाई के दौरान ईडी ने क्या कहा?
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान, ईडी ने कहा कि बोर्ड ने कोई स्वतंत्र राय नहीं दी, हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट रूप से ये जरूर कहा कि नरेश गोयल के कुछ परीक्षण किए जाने जरूरी हैं, जोकि जे जे अस्पताल में नहीं होते हैं. इसी के साथ ईडी ने कहा कि गोयल को जमानत नहीं दी जानी चाहिए, लेकिन पुलिस सुरक्षा के तहत टाटा मेमोरियल अस्पताल में उनका इलाज किया जा सकता है.
व्यवसायी के वकील अबाद पोंडा ने तर्क दिया कि जे जे अस्पताल के बोर्ड ने पुष्टि की थी कि निजी मेडिकल रिपोर्ट असली थीं, और उनके मुवक्किल को निजी अस्पताल में इलाज कराने का अधिकार है.

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वकील ने दिए ये तर्क
वकील ने छह महीने के लिए मेडिकल जमानत की मांग करते हुए कहा कि गोयल "अपने जीवन के अंतिम पड़ाव" पर हैं और अपनी इच्छा के अनुसार जरूरी इलाज करवा पाने के हकदार भी हैं. मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी. बता दें कि, बिजनेसमैन नरेश गोयल को केनरा बैंक द्वारा जेट एयरवेज को दिए गए 538.62 करोड़ रुपये के ऋण से प्राप्त धन की हेराफेरी के आरोप में ईडी ने सितंबर 2023 में गिरफ्तार किया था.

यह मामला बैंक के धन के दुरुपयोग या हेराफेरी के संबंध में जेट एयरवेज, गोयल, उनकी पत्नी अनीता और अब बंद हो चुकी एयरलाइन के कुछ पूर्व अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई की ओर से दर्ज की गई FIR के बाद प्रकाश में आया था. 

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