मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गाजियाबाद की एक अदालत के समन को रद्द करने के संबंध में पत्रकार राणा अय्यूब की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को फैसला सुनाएगा. न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला की पीठ फैसला सुनाएगी. ईडी ने अय्यूब पर आरोप लगाया है कि उसने ‘क्राउड फंडिंग’ के माध्यम से नेक कायों के लिए धन जुटाए, लेकिन उसने कथित तौर पर उसका दुरुपयोग किया. आरोपी ने अपने निजी विलासिता की वस्तुओं और उपभोग के लिए उस धन का इस्तेमाल किया.
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक केस में गाजियाबाद की अदालत ने राणा अय्यूब को समन जारी किया था. इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. गाजियाबाद कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए राणा अय्यूब के खिलाफ समन जारी किया था. इसी के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
क्राउड-फंडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए धन इकट्ठा करने का आरोप
ED का आरोप है कि राणा अय्यूब ने एक ऑनलाइन क्राउड-फंडिंग प्लेटफॉर्म केटो (Ketto) के जरिए अभियान चलाकर चैरिटी के नाम पर आम जनता से अवैध रूप से धन इकट्ठा किया है. ईडी की जांच के मुताबिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जुटाई गई धनराशि अय्यूब के पिता और बहन के खाते में ट्रांसफर की गई थी. राणा अय्यूब ने अपने लिए 50 लाख रुपये की एफडी भी बनवाई थी. जबकि चैरिटी के लिए लगभग 29 लाख रुपये का इस्तेमाल किया था.
अप्रैल में दिल्ली हाई कोर्ट ने विदेश यात्रा की अनुमति दी थी
पिछले साल अगस्त में दिल्ली हाई कोर्ट ने ईडी को संपत्तियों की कुर्की संबंधित कोई और कदम उठाने से रोक दिया था. ईडी ने एक लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करके पत्रकार को देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी थी. लेकिन उन्हें राहत मिल गई और अप्रैल में दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति दे दी थी.