वक्फ संशोधन विधेयक पर गुरुवार को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक हुई. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई. सूत्रों के अनुसार जेपीसी की बैठक में बीजेपी की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के बीच तीखी बहस हो गई. बीजेपी सांसद मेधा कुलकर्णी ने संजय सिंह पर उनके साथ अपमानजनक तरीके से बात करने का आरोप लगाया.
सूत्रों के अनुसार जेपीसी की बैठक में मौजूद सांसदों का कहना है कि बैठक के दौरान AAP सांसद संजय सिंह द्वारा मेधा कुलकर्णी के बारे में टिप्पणी की गई, उससें वो बेहद परेशान और भावुक हो गईं. बैठक में लंच टाइम के दौरान समिति के चेयरमैन जगदंबिका पाल के हस्तक्षेप के बाद संजय सिंह ने मेधा कुलकर्णी से माफ़ी भी मांगी. मेधा कुलकर्णी ने समिति के चेयरमैन से कहा कि बैठक के दौरान उनका अपमान किया गया था और संजय सिंह बैठक के दौरान ही माफी मांगें.
सूत्रों की मानें तो बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने बैठक में कहा कि बाहर इस तरह अफ़वाह फैलाई जा रही है कि अगर ये बिल संसद से पास हो गया तो सभी मस्जिदों को हटाया दिया जाएगा और मस्जिदों की ज़मीन पर कब्जा कर लिया जाएगा. इस तरह से अफ़वाह ना फैलाई जाए.
इस पर समिति के चेयरमैन जगदंबिका पाल ने कहा कि ज़ाकिर नायक ज़ैसे लोग कह रहे हैं कि अगर 50 लाख ई-मेल इस बिल के ख़िलाफ़ जेपीसी को कर दिए जाएंगे, तो बिल संसद से पास नहीं हो पाएगा. ज़ाकिर नाईक ने बाक़ायदा इसके लिए QR code भी जारी किया है. इस दौरान ओवैसी ने समिति के चेयरमैन की टिप्पणी पर आपत्ति जताई और कहा कि आप हम सभी सांसदों की तुलना ज़ाकिर नाईक से कर रहें हैं.
सूत्रों ने बताया कि बीजेपी सांसद मेधा कुलकर्णी समिति के सामने पेश हुए कानूनी विशेषज्ञ फैजान मुस्तफा से वक्फ गवर्निंग काउंसिल की संरचना पर सवाल पूछ रही थीं. इस दौरान भी हंगामा हुआ. संसदीय सूत्रों ने बताया कि जब मेधा कुलकर्णी मुस्तफा से स्पष्टीकरण मांग रही थीं, तो कुछ विपक्षी सदस्यों ने व्यवधान पैदा किया.