दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्पाद शुल्क नीति मामले में बीआरएस नेता के कविता द्वारा दायर जमानत याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया है. अदालत इस मामले पर 24 मई को सुनवाई करेगी.
दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में बीआरस नेता के कविता ने अपने खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर मामले को चुनौती दी है, साथ ही अदालत के उस आदेश को भी चुनौती दी है जिसमें उनसे हिरासत में पूछताछ करने की मांग की गई है. कविता ने दिल्ली उत्पाद शुल्क मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को कानून के प्रति अपमानजनक और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन घोषित करने के निर्देश देने की मांग की है.
नोटिस में क्या-क्या?
अपनी गिरफ्तारी की पूरी कार्यवाही के अलावा, कविता ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को भी चुनौती दी, जिसमें CBI को न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान उससे पूछताछ करने की अनुमति दी गई. ये चुनौती इस आधार पर दी गई है कि, उन्हें कोई नोटिस जारी किए बिना, और बिना कारण बताए ही आदेश पारित कर दिया गया था.
कविता ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को भी चुनौती दी, जिसमें CBI को उन्हें गिरफ्तार करने की अनुमति दी गई थी, साथ ही उन्हें पुलिस और न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश भी दिए गए. कविता को मनी लॉन्ड्रिंग के साथ-साथ 06 मई को CBI द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में ट्रायल कोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया था. वह वर्तमान में दोनों एफआईआर में न्यायिक हिरासत में है.
ऐसे फंसती गईं के कविता
दिसंबर 2022 में ईडी ने आरोपी अमित अरोड़ा के रिमांड पेपर में दावा किया था कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के लिए विजय नायर और दूसरे लोगों को 'साउथ ग्रुप' ने 100 करोड़ की रिश्वत दी थी. पिछले साल फरवरी में सीबीआई ने अकाउंटेंट बुचीबाबू गोरंतला को गिरफ्तार किया था. ईडी ने भी बुचीबाबू से पूछताछ की थी और उसका बयान दर्ज किया था. माना जाता है कि बुचीबाबू कविता को अकाउंट संभाला करता था.इसके बाद पिछले साल ही मार्च में ईडी ने अरुण रामचंद्रन पिल्लई को भी गिरफ्तार किया था. पिल्लई ने पूछताछ में बताया था कि कविता और आम आदमी पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था.
इसके तहत 100 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जिससे कविता की कंपनी 'इंडोस्पिरिट्स' को दिल्ली के शराब कारोबार में एंट्री मिली.पिल्लई ने ये भी बताया कि एक मीटिंग हुई थी, जिसमें वो, कविता, विजय नायर और दिनेश अरोड़ा मौजूद थे. इस मीटिंग में दी गई रिश्वत की वसूली पर चर्चा हुई थी