हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट पर एक जून को मतदान होना है. जैसे-जैसे मतदान की तारीख पास आ रही है. इस सीट से चुनाव लड़ रहे दोनों प्रमुख उम्मीदवार बीजेपी की कंगना रनौत और कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह लगातार एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं. इस बीच कंगना एक बार फिर विक्रमादित्य पर जमकर बरसी हैं.
कंगना ने विक्रमादित्य को चुनौती देते हुए कहा कि ये लोग मंडी की बेटियों के भाव पूछ रहे हैं. इन्होंने मंडी की बेटियों को अपवित्र कहा. मंडी की लड़कियों का भाव पूछा. लेकिन अब हम मंडी की बेटियों का अपमान नहीं सहेंगे. मैं कहती हूं कि पहाड़ी महिलाओं में बहुत दम होता है. मैंने उद्धव ठाकरे का सिंहासन तक हिला दिया था, तुम्हारी तो औकात ही क्या है.
कंगना ने विक्रमादित्य पर बरसते हुए कहा कि तुमने मंडी की बेटियों के भाव पूछे. मैं तुम्हारी वो दुर्दशा करूंगी कि तुम सब्जी मंडी में सब्जियों तक के रेट भूल जाओगे. इनका परिवार सालों से कुर्सी से चिपका हुआ है. इन लोगों के पास सत्ता रही है लेकिन फिर भी इनकी भूख खत्म नहीं होती. ये सत्ता की भूख इन्हें ले डूबेगी. लोगों का पैसा खाने के लिए ये लोग सत्ता चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि मैं पदमश्री हूं, फिल्ममेकर हूं, खुद का कमाती हूं लेकिन विक्रमादित्य किसी काम के नही हैं. वह केवल मां-बाप के नाम पर वोट बैंक खाते हैं. इनसे ज्यादा भ्रष्टाचारी कोई नहीं है.
कंगना और विक्रमादित्य के बीच मुकाबला
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार कंगना रनौत का मुकाबला कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह से होगा. इस सीट पर एक जून को वोटिंग होगी.
चुनाव प्रचार के दौरान कंगना और विक्रमादित्य कई मौकों पर एक दूसरे पर जुबानी हमला करते रहे हैं. विक्रमादित्य सिंह ने बिना कंगना का नाम लिए गोमां खाने को लेकर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि हिमाचल देवी-देवताओं का पवित्र स्थल है. देवभूमि है. यहां पर गोमांस का सेवन करने वाले चुनाव लड़ें. ये यहां की संस्कृति के लिए चिंता का विषय है.
इसके बाद कंगना ने विक्रमादित्य पर पलटवार करते हुए कहा था कि मैं बीफ या किसी तरह का रेड मीट नहीं खाती हूं. यह काफी निंदनीय है कि मेरे खिलाफ बिना सिर-पैर की अफवाहें फैलाई जा रही हैं. मैं हमेशा कई साल से योग और आयुर्वेद का समर्थन और प्रमोशन कर रही हूं. अब मेरी छवि खराब करने के लिए ऐसी रणनीति का कोई असर नहीं होगा. मेरे लोग जानते हैं कि मैं एक प्राउड हिंदू हूं. उन्हें कोई गुमराह नहीं कर सकता है.