राजस्थान के उदयपुर में 27 जून को कन्हैया लाल हत्याकांड में एनआईए जांच कर रही है. इस घटना को अंजाम देने वाले रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद के दावत-ए-इस्लामी संगठन से संबंध सामने आए हैं. इनमें से एक हत्यारे के ऑडियो कॉल आजतक के हाथ लगे हैं. ऑडियो की बातचीत से पता चलता है कि मुख्य आरोपी म्यूजिक से भी नफरता था. कहता था कि ये पाप है. रियाज की कन्हैयालाल हत्याकांड से पहले ही कट्टरपंथी विचारधारा थी. इसके लिए वह खुलकर लोगों का ब्रैन वॉश भी करता था.
मुख्य आरोपी रियाज अत्तारी का एक फरवरी का ऑडियो मिला है. इसमें वह एक पुराने कर्मचारी से बातचीत कर रहा है. रियाज इस्लामी कानून की कुछ व्याख्याओं के अनुसार गायन और संगीत के खिलाफ बोल रहा है. इतना ही नहीं, रियाज अत्तारी ने एक फैक्ट्री मालिक शोयब पठान को भी गाना पोस्ट करने पर आपत्ति जताई. पठान ने एक दुर्घटना से उबरने के बाद वॉट्सएप स्टेटस पर परिवार के साथ खुशनुमा पलों को एक गीत के साथ पोस्ट किया था.
गायन का पाप मत करो, अल्लाह के आभारी रहो...
रियाज अत्तारी ने फोन किया और कहा- 'अस्सलामु अलैकुम, शोयब भाई. आपको उस अल्लाह का आभारी होना चाहिए, जिसने आपको एक नया जीवन दिया है. गीत गाते हुए इस जीवन को बर्बाद मत करिए. अपने जीवन को बचाने के लिए अल्लाह के प्रति आभारी रहो. गायन का यह पाप मत करो. रियाज ने 25 फरवरी को पठान से ये बात कही थी. रियाज पहले पठान की ही फैक्ट्री में काम करता था.
ऑनलाइन ग्रुप में भड़काऊ मैसेज करता था रियाज
रियाज का एक 11 जून को ऑडियो भी मिला है. इसमें उसने ऑनलाइन ग्रुप छोड़ने पर पठान का मजाक उड़ाया. फैक्ट्री के मालिक ने कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले मैसेज किए जाने पर ग्रुप छोड़ दिया था. इस पर रियाज कहता है- 'शोयब भाई, आपने ग्रुप क्यों छोड़ा? तुम किससे डरे हुए हो? बस, अल्लाह से डरो और किसी और से नहीं.'
फैक्ट्री मालिक पठान ने आजतक को बताया कि रियाज अत्तारी शातिर आदमी था. उन्होंने कहा- 'मैं उसके ग्रुप को छोड़ता था तो वह मुझे फिर से इसमें जोड़ देता था. मुझे यह ठीक नहीं लगा. पठान बताते हैं कि रियाज ऑनलाइन ग्रुप में वह संदेश (अपने वॉट्सएप ग्रुप) शेयर करता था, जो भड़काऊ हों. जैसे कोई सांप्रदायिक दंगा हुआ हो आदि. मुझे ये पोस्ट गलत थे. मैं उन्हें पसंद नहीं करता था. पठान कहते हैं कि यही वजह है कि मैंने उसके ग्रुप को छोड़ दिया था.
बीजेपी में शामिल होने की कोशिश
आजतक की एक इन्वेस्टिगेशन से पता चला था कि रियाज अत्तारी उदयपुर में स्थानीय बीजेपी के कार्यक्रमों में शामिल होने जाता था और नेताओं के साथ फोटो शेयर करता था. रियाज तीन साल से ज्यादा समय से पार्टी के नेताओं से गहरे संबंध बनाने की कोशिश में लगा था.
बाइक का नंबर बढ़ा रहा संदेह
इसके साथ ही कन्हैया लाल की हत्या के बाद दो हत्यारों ने जिस बाइक का इस्तेमाल किया था, उसमें भी उनकी कट्टरपंथी सोच साफ देखने को मिलती है. आरोपी की बाइक की नंबर प्लेट में लिखा है- RJ 27 AS 2611. बता दें कि मुंबई के 26/11 हमले से पूरा देश दहल गया था. पाकिस्तानी आतंकियों ने मुंबई पर 26 नंवबर 2008 को हमला किया था. ये हमला 26/11 के नाम से जाना जाता है. ये बाइक रियाज के नाम पंजीकृत है और उसने 9 साल पहले 2013 में बाइक को खरीदा था.
जांच करने वाली टीम को यह भी संदेह है कि आरोपियों ने उदयपुर में कन्हैयालाल की तालिबानी तरीके से हत्या को अंजाम देने से पहले ही उनकी सोच कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी तो नहीं रही है.
(धीरज रावत के इनपुट के साथ)