कर्नाटक के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद सिद्धारमैया एक्शन में हैं. सीएम बनते ही सबसे पहले उन्होंने पांच वादों को लेकर आदेश जारी किए, उसके बाद रविवार को उन्होंने एक खास आदेश जारी किया. जिसमें उन्होंने बेंगलुरु पुलिस से मुख्यमंत्री के लिए 'जीरो ट्रैफिक प्रोटोकॉल' वापस लेने के लिए कहा है.
सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है. इसकी जानकारी सिद्धारमैया ने ट्वीट कर दी है. रविवार को सिद्धारमैया ने ट्वीट कर कहा, "मैंने बेंगलुरु शहर के पुलिस कमिश्नर से मेरे वाहनों की आवाजाही के लिए 'जीरो ट्रैफिक प्रोटोकॉल' वापस लेने को कहा है. लोगों को हो रही दिक्कतों को देखने के बाद मैंने ये फैसला लिया. जहां 'जीरो ट्रैफिक प्रोटोकॉल' लागू रहता है, वहां लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है."
फूल या शॉल नहीं लेंगे सिद्धारमैया
इसके साथ ही सीएम सिद्धा ने सम्मान के रूप में दिए जाने वाले फूल या शॉल को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, "मैंने उन लोगों से फूल या शॉल स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है जो अक्सर इसे सम्मान के निशान के रूप में देते हैं. यह व्यक्तिगत और सार्वजनिक दोनों कार्यक्रमों के दौरान होता है. लोग उपहार के रूप में अपना प्यार और सम्मान व्यक्त करना चाहते हैं तो किताबें दे सकते हैं. आप सभी का प्यार और स्नेह मुझ पर बना रहे."
सिद्धा ने सीएम बनते ही लागू की पांच गारंटी
इससे पहले सीएम बनते ही सिद्धारमैया ने पहली कैबिनेट मीटिंग के साथ ही चुनावी वादे के मुताबिक पांच गारंटी योजना को लागू कर दिया है.कांग्रेस की 5 गारंटी योजनाओं में सभी घरों को 200 यूनिट फ्री बिजली, हर परिवार की महिला मुखिया कोक दो हजार रुपये महीना, बीपीएल परिवार के प्रत्येक सदस्य को 10 किलो फ्री चावल, बेरोजगार स्नातक युवाओं के लिए हर महीने तीन हजार रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को दो साल के लिए 1500 रुपये और सार्वजनिक परिवह बसों में महिलाओं के लिए फ्री यात्रा शामिल है.