
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रचंड जीत हासिल की है. कांग्रेस ने कर्नाटक की जनता के लिए चुनाव से पहले 5 गारंटी दी थीं. कांग्रेस का दावा था कि सत्ता में आते ही इन 5 वादों को पूरा किया जाएगा. कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से एक सिद्धारमैया ने कहा कि सरकार बनते ही सभी 5 गारंटी पूरी की जाएंगी. आइए जानते हैं कि आखिर ये 5 गारंटी क्या हैं और अगर इन्हें लागू किया जाता है तो कर्नाटक पर कितना भार पड़ेगा.
कांग्रेस की 5 गारंटी
1- कांग्रेस पार्टी ने पहला वादा किया था कि हर परिवार को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी.
2- दूसरा वादा है, ग्रैजुएट बेरोजगार को 3 हजार रुपये मासिक भत्ता और डिप्लोमा होल्डर्स छात्रों को डेढ़ हजार रुपये मासिक भत्ता.
3- कांग्रेस का तीसरा वादा है, प्रत्येक परिवार की एक महिला को दो हजार रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा.
4- हर गरीब व्यक्ति को 10 किलोग्राम मुफ्त अनाज.
5- 5वां वादा है, हर महिला को सरकारी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी.
किस गारंटी पर कितना खर्च करना पड़ेगा?
1- 200 यूनिट फ्री बिजली: इस वादे को अगर पूरा किया जाता है तो इस पर सरकार को सलाना 14 हजार 430 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे और जो राज्य का कुल बजट का 5% पैसा सिर्फ मुफ्त बिजली पर खर्च हो जाएगा.
2- बेरोजगारी भत्ता: इस योजना पर सालाना खर्च 3 हजार करोड़ रुपये होगा, और राज्य के कुल बजट का 1.2 प्रतिशत हिस्सा इसी बेरोजगारी भत्ते को देने पर खर्च हो जाएगा.
3- महिला भत्ता: इस वादे को लागू किया गया तो इस पर राज्य सरकार को हर साल 30 हजार 720 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे और राज्य के कुल बजट का साढ़े 12 प्रतिशत भाग इसी योजना को लागू करने पर खर्च हो जाएगा.
4- मुफ्त अनाज: इस पर सालाना 5 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे और राज्य के कुल बजट का 2 प्रतिशत भाग अकेले इसी पर खर्च हो जाएगा.
5- मुफ्त सफर : इस खर्च का अनुमान निकालना अभी थोड़ा मुश्किल है. लेकिन इससे भी राज्य के कुल बजट पर काफी बोझ बढ़ेगा.
कितना बढ़ेगा राजस्व घाटा?
इस समय कर्नाटक की कुल आय 2 लाख 26 हजार रुपये है और उसका कुल खर्च 2 लाख 87 हजार करोड़ रुपये है. राज्य सरकार सालाना जितना कमाती है, उससे 60 हजार करोड़ रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं, जिसे राजस्व घाटा भी कहते हैं.
- अब अगर कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी ने इन पांचों गारंटी को लागू कर दिया तो इससे कर्नाटक का राजस्व घाटा 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपये हो जाएगा और राज्य के कुल बजट का लगभग साढ़े 21 प्रतिशत भाग है. कर्नाटक पर अभी लगभग पांच लाख करोड़ रुपये का पहले से कर्ज है. ऐसे में ये कर्ज और बढ़ सकता है.
(आजतक ब्यूरो)