कर्नाटक के डिप्टी चीफ मिनिस्टर डीके शिवकुमार ने आज कहा कि वह कांग्रेस पार्टी की इच्छाओं के मुताबिक काम करेंगे और किसी से समर्थन की उम्मीद नहीं रखते. उन्होंने एक संस्कृत कहावत 'कर्मण्येवाधिकारस्ते...' का हवाला देते हुए कहा कि वह कोशिश करते हैं और परिणाम भगवान पर छोड़ देते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पार्टी की उम्मीदों के मुताबिक काम करेंगे और अपना कर्तव्य निभाएंगे.
पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग कि उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनना चाहिए, के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा, "मैं नहीं चाहता कि मेरे लिए कोई दबाव बनाए या कोई विधायक मेरे समर्थन में बोले. यह मामला सिर्फ कांग्रेस पार्टी और मेरे बीच है. मैं वही करूंगा जो पार्टी कहेगी." श्रिंगेरी में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि उनका हाल के मंदिर दौरे को 'टेंपल रन' कहकर गलत अर्थ नहीं लगाना चाहिए.
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'मैं धर्म का अनुयायी हूं'
शिवकुमार ने कहा, "मैं धर्म का अनुयायी हूं. मैं प्रतिदिन प्रार्थना करता हूं और यदि इसे 'टेंपल रन' कहा जा रहा है, तो सभी मंदिरों को बंद कर देना चाहिए. मैं राज्य, अपने शुभचिंतकों और अपने लिए प्रार्थना करता हूं." श्रिंगेरी यात्रा से बदलाव की बात पर शिवकुमार ने कहा, "मैं किसी बदलाव की जरूरत नहीं देखता. जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया है और हमें पांच साल राज्य की सेवा करने का मौका दिया है. मुख्यमंत्री और मैं पार्टी के निर्देशों का पालन करेंगे."
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'स्वामी जी में मेरी विशेष आस्था है'
शिवकुमार ने बताया कि आज विशेष दिन है जब श्री भारती तीर्थ स्वामी ने मठ की जिम्मेदारी संभाली थी. उन्होंने स्वामी जी के प्रति विशेष आस्था जताई और यह भी बताया कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सरकारी और व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित किया गया था. उन्होंने कहा, "राजीव गांधी ने यहां संस्कृत विद्यापीठ स्थापित करने का निर्णय लिया था. मुझे एक शुभ कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है. मैं सरकार की ओर से और अपनी व्यक्तिगत हैसियत से इस कार्यक्रम में भाग ले रहा हूं."