कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने संकेत दिया है कि राज्य के मंत्रिमंडल संभावित फेरबदल और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) अध्यक्ष में बदलाव के बारे में चर्चा चल रही है.
उन्होंने कहा कि इन मामलों पर कोई भी निर्णय पार्टी नेतृत्व लेगा. परमेश्वर की टिप्पणी राज्य कांग्रेस के भीतर चल रहे घटनाक्रम के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में आई. डिप्टी सीएम डी के शिवकुमार, जो चार साल से ज्यादा समय से केपीसीसी अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं, वर्तमान में उन्हें इस पद पर एक्सटेंड किया गया है.
दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक
बता दें कि डीके शिवकुमार दिल्ली में हैं और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी देश की राजधानी में पहुंचने वाले हैं. आज ही दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक होने वाली है. फेरबदल की संभावना के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा,'प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (शिवकुमार) दिल्ली गए हैं. मुझे पता चला है कि सीएम भी जा रहे हैं. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक है.'
'अध्यक्ष बदलने की चल रही है चर्चा'
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने की भी चर्चा चल रही है. हालांकि, उन्होंने दोहराया कि इस तरह के फैसले मुख्यमंत्री और शिवकुमार पार्टी आलाकमान से सलाह-मशविरा करके लेंगे.
'डीके शिवकुमार ने किया अच्छा काम'
स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय दी और नेतृत्व में संभावित बदलाव के बारे में बातचीत को स्वीकार किया. उन्होंने कहा, शिवकुमार ने अध्यक्ष के रूप में अच्छा काम किया है. पार्टी को सत्ता में लाया है और अथक परिश्रम किया है. हालांकि, उन्होंने कहा कि शिवकुमार का कार्यकाल पांच साल से अधिक हो गया है और पूर्णकालिक नेतृत्व प्रदान करने के लिए नए अध्यक्ष की संभावना के बारे में चर्चा हुई है.
'जरूरत पड़ी तो चुनौती के लिए तैयार'
मंत्री सतीश जरकीहोली, जिन्हें केपीसीसी अध्यक्ष पद के संभावित दावेदार के रूप में देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी का नेतृत्व करना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और यदि जरूरत पड़ी तो वह चुनौती के लिए तैयार हैं.
विधायकों ने जताई मंत्री पद की इच्छा
लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं. कई विधायकों ने मंत्रिमंडल में शामिल होने की इच्छा जताई है, जबकि कुछ ने सार्वजनिक रूप से मंत्री पद की इच्छा जताई है. यह देखना बाकी है कि आगामी बैठकों में इन मांगों पर विचार किया जाएगा या नहीं.