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कर्नाटकः मैसूर में मंदिर ढहाने पर विवाद, सिद्धारमैया ने बीजेपी पर लगाया आरोप

मैसूर जिले में नंजानगुड (Nanjangud) में एक मंदिर के ढहाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री के. सिद्धारमैया (Siddaramaiah) ने इसकी निंदा करते हुए बीजेपी (BJP) पर आरोप लगाया है. वहीं, अधिकारियों का कहना है कि वो सिर्फ आदेश का पालन कर रहे हैं.

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सरकारी आदेश पर तोड़ा गया मंदिर.
सरकारी आदेश पर तोड़ा गया मंदिर.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मैसूर के नंजानगुड में तोड़ा गया हिंदू मंदिर
  • कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया

कर्नाटक के मैसूर जिले में नंजानगुड (Nanjangud) में एक मंदिर के ढहाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री के. सिद्धारमैया (Siddaramaiah) ने इसकी निंदा करते हुए बीजेपी (BJP) पर आरोप लगाया है. वहीं, जिला अधिकारियों ने दावा किया है कि उन्हें राज्य भर में अवैध धार्मिक संरचनाओं को गिराने का आदेश मिला है, जिसका वो पालन कर रहे हैं. अधिकारियों ने दावा किया है कि ये मंदिर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के नक्शे पर नहीं था और सिर्फ 12 साल पुराना था. 

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इसी साल 1 जुलाई को राज्य के मुख्य सचिव पी. रवि कुमार ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर कहा था कि कर्नाटक में सार्वजनिक जगहों पर 6,395 ऐसी धार्मिक संरचनाएं हैं जो अवैध रूप से बनीं हैं. 29 सितंबर 2009 को इनकी संख्या 5,688 थी. उन्होंने लिखा था कि 12 साल में सरकार सिर्फ 2,887 संरचनाओं को ही ढहा पाई है या उसे दूसरी जगह स्थानांतरित कर पाई है या उसे रेगुलेट कर पाई है.

सरकार के मुताबिक, दक्षिण कन्नड़ जिले में सबसे ज्यादा 1,579 धार्मिक संरचनाएं अवैध हैं. उसके बाद शिवमोगा में 740, बेलगावी में 612, कोलार में 397, बागलकोट में 352, धारवाड़ में 324, मैसूर में 315 और कोप्पल में 306 हैं.

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सिद्धारमैया ने उठाए सवाल?

नंजानगुड में एक हिंदू मंदिर को ढहाने पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये मंदिर बिना लोगों की सलाह लिए ढहाया गया है जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं हैं. उन्होंने ये भी कहा कि इसके लिए अधिकारियों ने सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया. अगर ढहाना ही जरूरी था तो दूसरी जगह दी जानी चाहिए थी. उन्होंने सरकार से मंदिर के लिए दूसरी जगह देनी की मांग की है.

शुरू हुई सियासत?

मैसूर से बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा ने मंदिर ढहाने का वीडियो शेयर करते हुए पूछा- 'इस मंदिर से किसको परेशानी थी?'

उनके इस ट्वीट पर कांग्रेस प्रवक्ता लावन्या बल्लाल ने कहा, 'आपको इसका उत्तर देना होगा. भारत में बीजेपी की सरकार है. आपने ऐसा कैसे होने दिया? क्या आप पीएम मोदी और सीएम बसवराज बोम्मई से पूछ रहे हैं?'

मुख्य सचिव ने अपनी चिट्ठी में जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय के अधिकारियों को हर तालुक और हर डिविजन में हर हफ्ते कम से कम ऐसी अवैध धार्मिक संरचनाओं को ढहाने का आदेश दिया था. कुल मिलाकर 6,395 धार्मिक संरचनाओं को तोड़ा जाना है. नंजानगुड में विधायक और सांसद दोनों ही बीजेपी के हैं.

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