scorecardresearch
 

आतंकी फंडिंग मामले में NIA ने की कश्मीरी कारोबारी वटाली की 17 संपत्तियां जब्त

यह मामला आईएसआई समर्थित संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा, जम्मू एवं कश्मीर लिबरेसन फ्रंट, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों द्वारा जम्मू एवं कश्मीर में आतंकी और अलगाववादी गतिविधियों से जुड़ा है. ये संगठन नागरिकों और सुरक्षाबलों पर हमले कर घाटी में आतंक और हिंसा भड़काने का काम कर रहे थे. 

Advertisement
X
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी फंडिंग मामले में कश्मीरी कारोबारी जहूर अहमद शाह वटाली की 17 संपत्ति जब्त की है. इसी मामले में जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के कमांडर यासीन मलिक आजीवन कैद की सजा काट रहे हैं.

Advertisement

यासीन मलिक के अलावा जमात-उद-दावा के अमीर और लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर हाफिज मुहम्मद सईद और हिज्ब-उल-मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडर सैयद सलाहुद्दीन सहित 17 अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. एनआईए ने इस मामले में 30 मई 2017 को स्वत: संज्ञान लिया था. वहीं, मलिक को उनके खिलाफ दायर सभी मामलों में दोषी ठहराया गया है और आजीवन कैद की सजा और जुर्माना लगाया गया है. 

यह मामला आईएसआई समर्थित संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा, जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों द्वारा जम्मू एवं कश्मीर में आतंकी और अलगाववादी गतिविधियों से जुड़ा है. ये संगठन नागरिकों और सुरक्षाबलों पर हमले कर घाटी में आतंक और हिंसा भड़काने का काम कर रहे थे. 

एनआईए ने कश्मीर के कुपवाड़ा के हंदवाड़ा में वटाली से जुड़ी 17 संपत्तियों को जब्त किया है. ये संपत्तियां यूएपीए एक्ट की धारा 33(1) के तहत स्पेशल एनआईए कोर्ट के आदेश पर जब्त की गई हैं.

Advertisement

ये प्रतिबंधित आतंकी संगठन कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का इस्तेमाल कर रहे थे. इस मामले में हुई जांच से पता चला है कि ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस सहित आरोपियों ने आपराधिक साजिश रची और कश्मीर में लोगों को उकसाने और हिंसा भड़काने के लिए एक रणनीति बनाई. वटाली विभिन्न स्रोतों से जुटाए गए पैसे को हुर्रियत नेताओं को भेज रहा था ताकि भारत में अलगाववाद को बढ़ाया जा सके. 

एनआईए जांच में पता चला है कि वटाली हवाला का जरिया था, जो हाफिज सईद से पैसे ले रहा था. हाफिज सईद 2001 में संसद पर हुए हमले और 2008 मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड था. 2011 से 2013 के बीच उसके बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपयों जमा हुए.

Advertisement
Advertisement