पुलवामा में एक कश्मीरी पंडित हत्याकांड में जम्मू कश्मीर स्टेट इनवेस्टिगेशन एजेंसी ने अपनी चार्जशीट दायर कर दी है. चार्जशीट में 12 आरोपियों के नाम हैं जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल है. पिछले साल फरवरी में संजय शर्मा नाम के कश्मीरी पंडित की पुलवामा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वह पेशे से एक एटीएम गार्ड की नौकरी करता था.
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, कश्मीरी पंडित संजय शर्मा हत्याकांड में स्टेट इनवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (SIA) ने अपनी चार्जशीट में एक पाकिस्तानी नागरिक समेत 12 लोगों के नाम दिए हैं. तीन नाबालिग भी हैं जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. तीन आरोपी सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं और दो आरोपी फरार हैं.
आरोपियों में एक पाकिस्तानी नागरिक, बाकी जम्मू कश्मीर के
आरोपियों में पाकिस्तानी नागरिक खालिद कामरान शामिल है; शोपियां निवासी जाजिम फारूक वानी उर्फ अबरार, शमीम अहमद भट उर्फ अंकल, दानिश अहमद ठोकर और उबैद अहमद पद्दार; अनंतनाग निवासी जफर हुसैन भट उर्फ खुर्शीद कश्मीरी, नासिर फारूक शाह, आमिर हुसैन वानी, तौसीफ अहमद पंडित, सज्जाद अहमद भट उर्फ अफनान भट और साहिल बशीर डार; और कुलगाम-निवासी सरजील अहमद भट शामिल हैं.
तीन मारे गए, तीन नाबालिग न्यायिक हिरासत में
आरोपियों में जाजिम फारूक वानी, ठोकर और पद्दार को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया है. जफर हुसैन भट्ट उर्फ खुर्शीद कश्मीरी और खालिद कामरान नाम के आरोपी अभी भी फरार हैं. जांच के दौरान यासिर साबिर वानी नाम के एक शख्स का भी नाम सामने आया जिसको लेकर जांच एजेंसी अभी भी जांच कर रही है और तीन नाबालिग न्यायिक हिरासत में हैं.
जम्मू कश्मीर में शांति व्यवस्था भंग करने की मंशा से हत्या
एसआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा कि आरोपी ने जम्मू कश्मीर में शांति व्यवस्था भंग करना चाहते थे और धार्मिक उन्माद फैलाना चाहते थे. यही वजह रही कि आरोपियों ने एक अल्पसंख्यक समुदाय के शख्स को निशाना बनाया और उसकी हत्या कर दी. जम्मू कश्मीर एसआईए ने बताया कि मामले को लेकर बड़े स्तर पर जांच की गई, दक्षिण कश्मीर में जांच पड़ताल हुई और फिजिकल और टेक्निकल सबूतों के आधार पर चार्जशीट दायर की.