कुछ दिन पहले ही कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए कौस्तव बागची ने सिलीगुड़ी में पीएम मोदी को एक ऐसा पत्र सौंपा जो उन्होंने अपने खून से लिखा था. सिलीगुड़ी की सभा के दौरान उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा. दर्शकों के अनुसार, हालांकि पीएम ने पत्र की भावनाओं को स्वीकार किया,लेकिन साथ कौस्तव से कहा कि वह आगे से ऐसा कुछ भी न करें.
पत्र में बांग्ला में लिखा है, 'पीएम मोदी प्लीज बंगाल को चोरों से बचाएं.' बागची वहीं नेता हैं जिन्हें 2023 में कोलकाता पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था, उसके बाद जब उन्हें जमानत मिली तो विरोध स्वरूप उन्होंने अपना सिर मुंडवा लिया था. तब उन्होंने प्रण लिया था कि जब तक राज्य से टीएमसी सरकार हट नहीं जाती तब तक वह अपने बाल दोबारा नहीं बढ़ाएंगे.
शनिवार को पीएम मोदी से बात करते हुए उन्होंने अपना सिर दिखाया और पीएम को अपनी शपथ के बारे में बताया. इस दौरान पीएम ने बागची की पीठ थपथपाई.
कांग्रेस नेता कौस्तव बागची को कोर्ट से जमानत, CM पर विवादित बयान देने के आरोप में अरेस्ट हुए थे
वकील हैं बागची
बताते चलें कि कौस्तव बागची कलकत्ता हाई कोर्ट में वकील में हैं और उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने पिछले साल टीएमसी के पूर्व विधायक द्वारा बनर्जी के बारे में लिखी गई एक विवादास्पद किताब को पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में और फिर टीवी शो में प्रसारित करने की धमकी दी थी.
पुलिस ने बागची पर धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 354ए (यौन उत्पीड़न), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 505 (दुश्मनी पैदा करने या बढ़ावा देने वाले बयान), 506 (आपराधिक धमकी) और 509 (एक महिला की मर्यादा का अपमान करने के इरादे से बयान) के तहत केस दर्ज किया था.
टीएमसी को सत्ता से हटाने का लिया है प्रण
इसके बाद कोलकाता में बैंकशाल कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्होंने अपने बाल मुंडवाने और इसे तब तक नहीं बढ़ाने की कसम खाई, जब तक कि वे पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर नहीं कर देते. कौस्तव बागची ने कहा- मेरे बाल मुंडवाना विरोध का प्रतीक है. जब तक मैं ममता बनर्जी को कुर्सी से नहीं हटवा देता है, मैं अपने बाल नहीं बढ़ाऊंगा. मैं अब उनकी नींद उड़ा दूंगा.