केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मंगलवार को कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) सभी समुदायों को समान न्याय देने का संवैधानिक उद्देश्य है. हालांकि इसको लेकर गलत नैरेटिव गढ़ा जा रहा है. वह चंडीगढ़ में एक कार्यक्र में शामिल होने के लिए आए हुए थे.
उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता एक समान न्याय देने का संवैधानिक उद्देश्य है जो सभी समुदायों के लिए सामान्य है. UCC के इर्द-गिर्द एक गलत नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि इसे अपनाने से हमारी धार्मिक प्रथाओं में घुसपैठ होगी. ऐसा बिलकुल नहीं है बल्कि इससे सभी समुदाय की महिलाओं को समान न्याय मिलेगा. चाहे वह वैवाहिक हो या संपत्ति विवाद.
महिलाओं को न्याय के लिए UCC जरूरी: केरल राज्यपाल
केरल के राज्यपाल ने एक बयान को कोट कर कहा कि विभिन्न समुदायों द्वारा अपनाई गई व्यक्तिगत कानूनों की अलग-अलग परिभाषाओं के कारण हमारे देश में महिलाओं के साथ अन्याय हुआ है और इसलिए एक ऐसा समान कानून लाने की जरूरत है, जिसमें सभी समुदायों के लिए समान प्रावधान हों.
UCC पर आपत्तियों को लेकर बोले आरिफ मोहम्मद खान
उन्होंने कहा कि आज जो आपत्ति उठाई जा रही है कि समान नागरिक संहिता लागू हो जाती है तो इससे हर समुदाय की पहचान मिट जाएगी और वे विवाह संपन्न कराने, मृतकों को दफनाने और सभी प्रकार की चीजों के लिए एक समान पद्धति अपनाने के लिए मजबूर हो जाएंगे. पूरी तरह से निराधार है. इसका उद्देश्य ये नहीं कि आप क्या रीति-रिवाज और अनुष्ठान अपनाएंगे. यह केवल न्याय की समानता के लिए है. उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सुंदरता संस्कृति, जाति और धर्म के मामले में विशाल विविधता है, फिर भी यह एक दृष्टि वाला एक देश है. हमें अपने युवाओं को अपनी परंपराओं और विरासत से जोड़ना होगा.