केरल में कोरोना वायरस के मामले फिर से तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. लगभग दो महीने बाद केरल फिर से हर दिन सामने आ रहे नए मामलों के लिहाज से शीर्ष राज्यों में आ गया है. इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने वाम दलों को घेरने की कोशिश करते हुए सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ओणम उत्सव के दौरान प्रदेश में घोर लापरवाही बरती गई थी, जिसकी कीमत आज राज्य चुका रहा है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि व्यापार और पर्यटन के लिहाज से यात्रा बढ़ी, जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार हुआ. सभी सेवाएं भी शुरू कर दी गई थीं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के बयान को आधार बनाकर विपक्षी दल राज्य सरकार के खिलाफ आक्रामक हैं. वहीं, राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री के शैलजा ने मोर्चा संभालते हुए सफाई दी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि त्यौहार का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में केंद्रीय मंत्री के बयान का मतलब त्यौहारी सीजन के लिए अन्य राज्यों के लोगों को सतर्क करना है. उन्होंने दावा किया कि केरल में हालात अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर हैं. केरल में मृत्यु दर 0.34 फीसदी है, जो काफी कम है.
दूसरी तरफ, विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री का बयान केरल में कोरोना वायरस की स्थिति और असली तस्वीर दर्शा रहा है. उन्होंने कोरोना की महामारी से निपटने में सरकार को पूरी तरह से विफल बताया. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की केरल इकाई के नेता के सुरेंद्रन ने भी बयान जारी कर स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कोरोना को रोकने के लिए प्रदेश सरकार को चाहिए कि वो केंद्र सरकार से सहायता मांगे.