अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (दिमागी बुखार) से केरल का 14 वर्षीय लड़का ठीक हो गया है. बच्चा कोझीकोड का रहने वाला है. देश में अमीबिक एन्सेफलाइटिस से पीड़ित शायद ही कभी इस बीमारी से ठीक हो पाता है. आंकड़ों की मानें तो इस बीमारी से दुनिया में केवल 11 लोग ही ठीक हुए हैं. क्योंकि इससे पीड़ित 97% लोगों की मौत हो जाती है. वहीं, बच्चे के ठीक होने पर केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने पूरी मेडिकल टीम की सराहना की है.
बच्चे को मिर्गी का दौरा भी पड़ गया था
राज्य में अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने मंत्री के नेतृत्व में बैठक की और विशेष एहतियाती निर्देश जारी किए थे. लक्षण के आधार पर मेलडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य कर्मियों ने संदेह जताया था कि बच्चे को दिमागी बुखार हो सकता है. जिस दिन बच्चे को यह बुखार आया था, उसी दिन बच्चे को मिर्गी का दौरा भी पड़ गया था.
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जिसके बाद उसे कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बच्चे के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से मिल्टेफोसिन दवा पहुंचाई. वहीं, तीन सप्ताह के उपचार के बाद वह ठीक हो गया. डॉक्टरों का कहना है कि अगर बीमारी जल्द पता नहीं चलती और समय पर उपचार नहीं होता तो शायद ही बच्चा ठीक हो पाता.
स्टीट्यूट ऑफ एडवांस वायरोलॉजी के सहयोग से तैयार हुआ था जांच का प्लान
दुर्लभ बीमारी अमीबिक इंसेफेलाइटिस की सूचना मिलने पर इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस वायरोलॉजी के सहयोग से शुरुआती स्टेज में ही जांच का प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया था.
जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बच्चे का इलाज करना शुरू किया और करीब तीन सप्ताह बाद ठीक हो गया. बच्चे के ठीक होने पर उसके माता-पिता ने भी डॉक्टरों का आभार जताया है. इसके अलावा परिवार ने स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार के कार्यों की भी सराहना की है.