IAS की नौकरी से हाथ धोने वाली विवादित पूर्व ट्रेनी IAS पूजा खेडकर के परिवार ने बकाया टैक्स जमा कर अपनी कंपनी को नीलाम होने से बचा लिया है. पुणे के तलवड़े में स्थित खेडकर परिवार की स्वामित्व वाली कंपनी थर्मोवेरिटा प्राइवेट लिमिटेड ने अपना बकाया संपत्ति कर और पानी के बिल का भुगतान कर दिया है.
इस कंपनी पर पूजा खेडकर की मां मनोरमा के नाम पर 2022 से 2 लाख 87 हजार रुपये का संपत्ति कर बकाया था. इसके अलावा 1 लाख 78 हजार रुपये का पानी का बिल भी बकाया था. बकाया राशि के कारण 19 जुलाई को संपत्ति जब्त करने के बाद भुगतान के लिए 21 दिन की समय सीमा तय की गई थी. लेकिन नीलामी से पहले ही खेडकर परिवार ने टैक्स चुका दिया.
2 लाख से ज्यादा का टैक्स था बकाया
बता दें कि पूजा खेडकर ने पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के यशवंतराव चव्हाण स्मृति (वाईसीएम) अस्पताल से विकलांगता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए निवास प्रमाण के रूप में तलवड़े में कंपनी का पता दिया था. प्रमाण पत्र के लिए पहचान पत्र के रूप में राशन कार्ड दिया गया था. इस राशन कार्ड पर भी उसी कंपनी का पता था. ज्योतिबानगर के तलवड़े गांव में स्थित थर्मोवेरिटा प्राइवेट लिमिटेड पूजा की मां मनोरमा के नाम पर है. कंपनी पर वर्ष 2022 से 2 लाख 87 हजार का संपत्ति कर बकाया था.
टैक्ट चुकाने के बाद टाल दी गई नीलामी
इस दौरान 6 अगस्त को पूजा खेडकर ने विकलांगता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कंपनी के तलवाडे पते का उपयोग किया था. उन्होंने कुल 4 लाख 65 हजार रुपये का भुगतान करके बकाया चुकाया. इस भुगतान ने कंपनी के लिए निर्धारित नीलामी को टाल दिया है. पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी) के कर संग्रह विभाग के सहायक आयुक्त नीलेश देशमुख ने पुष्टि की है कि कंपनी का बकाया चुका दिया गया है और अब नीलामी की आवश्यकता नहीं है.