किसान आंदोलन के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष संसद में आमने-सामने हैं. ऐसे में गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ सभी विपक्षी दलों की बैठक हुई. इस बैठक में सदन चलाने को लेकर चर्चा की गई. हालांकि, विपक्ष अभी भी किसानों के मुद्दे पर अलग से चर्चा की मांग पर अड़ा है. इस बीच अकाली दल की नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने बड़ा बयान दिया.
हरसिमरत कौर ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि पहले तो हमें संसद में किसान आंदोलन पर बोलने नहीं दिया जा रहा था. अब हमें दिल्ली बॉर्डर पर किसानों से मिलने नहीं दिया जा रहा. बॉर्डर को पूरी तरह सील किया गया है. यह हमारे अधिकारों पर एक क्रूर हमला है.
इस बीच विभिन्न दलों के 12 सांसदों ने किसान आंदोलन के मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है. जिसमें तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की गई है. साथ ही इंटरनेट बैन को लेकर भी चिंता जताई गई.
मालूम हो कि इससे पहले कांग्रेस ने लोकसभा में रणनीति तय करने के लिए सभी विपक्षी दलों की बैठक बुलाई थी. कांग्रेस के संसदीय कार्यालय में राहुल गांधी के साथ विपक्षी दलों की बैठक में शिवसेना, सीपीएम, डीएमके, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, सीपीआई, एआईडीयूएफ, आईयूएमएल, केसीएम, वीसीके के प्रतिनिधि शामिल रहे.
बता दें कि किसान आंदोलन के मुद्दे पर संसद में कई बार हंगामा हुआ. जिसके चलते सदन को बार-बार स्थगित करना पड़ा. ऐसे में सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी विपक्षी दलों के साथ बैठक की. हालांकि, इस बैठक का क्या नतीजा निकलता है इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं.