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श्रीनगर को लेह से जोड़ने वाली जोजिला सुरंग का काम शुरू, जानें क्या आएगा बदलाव

जोजिला सुरंग परियोजना का रणनीतिक महत्व है क्योंकि जोजिला दर्रा श्रीनगर-करगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर 11,578 फुट की ऊंचाई पर है और भारी हिमपात के कारण जाड़े में बंद रहता है.

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अटल टनल में पीएम मोदी (फाइल फोटो)
अटल टनल में पीएम मोदी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जोजिला सुरंग निर्माण का काम होगा शुरू
  • 14.15 किलोमीटर लंबी होगी जोजिला सुरंग
  • 11, 578 फीट की ऊंचाई पर बनेगी सुरंग

केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर में जोजिला सुरंग निर्माण का काम शुरू करने जा रही है. केंद्रीय सड़क-परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को 14.15 किलोमीटर लंबी जोजिला सुरंग के निर्माण कार्य के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए पहला ब्लास्ट कर काम की शुरुआत की. सेना और सिविल इंजीनियरों की एक टीम जोजिला-दर्रे के पहाड़ को काट कर इस सुरंग का निर्माण करेगी. इस सुरंग के बनने से श्रीनगर घाटी और लेह के बीच बारहमासी संपर्क सुविधा मिल सकेगी. दरअसल निर्माण प्रक्रिया में विस्फोटकों का उपयोग कर विस्फोट के जरिये ठोस पदार्थों को हटाया जाता है. 

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जोजिला सुरंग परियोजना का रणनीतिक महत्व है क्योंकि जोजिला दर्रा श्रीनगर-करगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर 11,578 फुट की ऊंचाई पर है और भारी हिमपात के कारण जाड़े में बंद रहता है. फिलहाल यह दुनिया में वाहनों के परिचालन के लिहाज से सवार्धिक खतरनाक मार्गों में से एक है और यह परियोजना भू-रणनीतिक रूप से संवेदनशील भी है. जब यह सुरंग जब बनकर तैयार होगी, आधुनिक भारत के लिये एक उल्लेखनीय उपलब्धि होगी.

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ये है खासियत?
1. श्रीनगर कारगिल लेह नेशनल हाईवे पर 11, 578 फीट ऊंचाई पर बनने वाली इस टनल की कुल लंबाई करीब 14.5 किलोमीटर है.  
2. इस सुरंग के निर्माण में 4,899 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जबकि जमीन अधिग्रहण, विस्थापन और अन्य गतिविधियों को मिलाकर कुल खर्च 6,808 करोड़ रुपये होगा. 
3. अटल टनल की तरह ही जोजिला सुंरग बनाने का सपना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देखा था जिसे अब मोदी सरकार पूरा करने जा रही है.
4. . सुरंग राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर श्रीनगर घाटी और लेह के बीच द्रास और करगिल होते हुए सभी मौसम में उपयोगी संपर्क सुविधा उपलब्ध कराएगी. 
5. इससे जम्मू कश्मीर में चौतरफा आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक समन्वय हो सकेगा.
6. इस परियोजना के तहत जोजिला दर्रे के तहत करीब 3,000 मीटर की ऊंचाई पर 14.15 किलोमीटर लंबी सुरंग बनायी जाएगी.
7. अभी केवल छह महीने ही इस मार्ग से वाहन आ-जा सकते हैं. 
8. लद्दाख, गिलगिट और बालतिस्तान क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सैन्य गतिविधियों को देखते हुए यह देश की रक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है.
9. जोजिला सुरंग परियोजना से करगिल, द्रास और लद्दाख क्षेत्र के लोगों की 30 साल की मांग पूरी होगी.
10. परियोजना से श्रीनगर-करगिल-लेह खंड में यात्रा हिमस्खलन मुक्त होगी. इससे यात्रा न केवल सुरक्षित होगी बल्कि इसमें लगने वाला समय 3 घंटे से कम होकर मात्र 15 मिनट रह जाएगा. 

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परियोजना का पुन:आबंटन मेघा इंजीनियरंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लि. (एमईआईएल) को किया गया है. कंपनी परियोजना के लिये सबसे कम 4,509.5 करोड़ रुपये की बोली लगायी थी.

दो अन्य बोलीदाता कंपनियां लार्सन एंड टूब्रो और इरकॉन इंटरनेशनल जेवी थी. प्रधानमंत्रत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2018 में 6,800 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिये आधारशिला रखी थी. 

 

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