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कोलकाता: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भतीजी रोमा डे का 95 वर्ष की उम्र में निधन

रोमा डे प्रख्यात बैरिस्टर और स्वतंत्रता सेनानी शरत चंद्र बोस की बेटी थीं. उन्होंने 1930 के दशक में अपने चाचा सुभाष चंद्र बोस के उत्थान को देखा था, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे.

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भतीजी रोमा डे का निधन (फाइल फोटो)
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भतीजी रोमा डे का निधन (फाइल फोटो)

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भतीजी रोमा डे का बुधवार को दक्षिण कोलकाता स्थित उनके आवास पर निधन हो गया. परिवार के मुताबिक 95 वर्षीय रोमा डे बुढ़ापे की बीमारियों से ग्रस्त थीं. पीटीआई के मुताबिक उनके बेटे आशीष रे ने एक बयान में बताया कि वह अपने पीछे एक बेटा, दो बेटियां और पांच पोते-पोतियां छोड़ गई हैं.

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रोमा डे प्रख्यात बैरिस्टर और स्वतंत्रता सेनानी शरत चंद्र बोस की बेटी थीं. उन्होंने 1930 के दशक में अपने चाचा सुभाष चंद्र बोस के उत्थान को देखा था, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे.

पीटीआई के मुताबिक वह नेताजी की पत्नी एमिली शेंकल के भी बहुत करीब थीं, क्योंकि वह 1950 के दशक में वियना में रहती थीं, जहां शेंकल भी रहती थीं. उनको 1996 में जर्मनी में शेंकल के अंतिम संस्कार में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था. उनकी शादी प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सचिस रे से हुई थी.

रोमा डे को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विचारधारा को बढ़ावा देने और उनके परिवार की परंपरा को बनाए रखने के लिए जाना जाता है. वह विभिन्न मंचों और आयोजनों में नेताजी की भूमिका और उनके कार्यों के बारे में बात करती थीं. नेताजी की गुमशुदगी से जुड़े कई मुद्दों पर भी वे सक्रिय रही हैं और परिवार की राय को जनता तक पहुंचाती थीं.

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रोमा डे ने अपने परिवार की परंपरा को बनाए रखते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की याद और उनके कार्यों को जीवित रखने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और संगठनों से जुड़ी रहीं. वह नेताजी के विचारों और उनकी स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका को लोगों तक पहुंचाने के लिए कई मंचों पर सक्रिय रूप से भाग लेती रहीं.

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