कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के बाद, टेलीग्राम चैनलों पर आजतक को कुछ चौंकाने वाला मिला. पीड़ित डॉक्टर के बलात्कार को अश्लील वीडियो बेचने के प्रलोभन के रूप में इस्तेमाल करने वाले मैसेज मिले. जिस चीज ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा वह बलात्कार और बाल यौन शोषण के वीडियो का 'रेट कार्ड' था.
'देसी लीक एमएमएस वीडियो 299 रुपये में, चाइल्ड वीडियो (देसी और विदेशी) 349 रुपये में, फैमिली इनसेस्ट (मां/बेटा/भाई/बहन) 279 रुपये में. वैलिडिटी: लाइफटाइम', टेलीग्राम चैनल पर शेयर इस विज्ञापन में संभावित खरीदारों से एक यूजर आईडी पर मैसेज भेजने के लिए कहा गया.
सिर्फ 2.5 रुपये में 1,000 पॉर्न क्लिप
संपर्क करने पर, टेलीग्राम की प्रीमियम सर्विस के एक सब्सक्राइबर, विबू शीबा (बदला हुआ नाम) ने एक स्पेशल पैकेज ऑफर किया. ऑफर था- 'रेप और चाइल्ड पॉर्न के लिए 500 रुपये. 2 लाख से अधिक वीडियो'. इसका मतलब सिर्फ 2.5 रुपये में 1,000 पॉर्न क्लिप.
हमारी पिछली इन्वेस्टिगेशन से, हम पता चला था कि ऐसे ज्यादातर 'पॉर्न सेलर्स' कमर्शियल तरीके से बनाए गए पॉर्न क्लिप को 'रेप और चाइल्ड पॉर्न' के रूप में बेचने के लिए हाल की घटनाओं का इस्तेमाल प्रलोभन के रूप में करते हैं. मनोवैज्ञानिकों की मानें तो यह कैटेगरी पीडोफाइल और मनोरोगियों के बीच लोकप्रिय है.
'पैसे भेजकर स्क्रीनशॉट शेयर करें'
सेलर से पूछा गया, 'क्या आपके पास गुडलवल्लेरु इंजीनियरिंग कॉलेज से लीक हुए वीडियो हैं?' आंध्र प्रदेश का यह संस्थान वुमेन हॉस्टल के टॉयलेट में हिडेन कैमरा पाए जाने के बाद सुर्खियों में आ गया था. जवाब में उसने एक क्यूआर कोड भेजा और कहा, 'यहां पैसे भेजें और स्क्रीनशॉट शेयर करें.' इसके बाद क्यूआर कोड से जुड़े नाम 'जयदीप बर्मन' को एक फेक पेमेंट स्क्रीनशॉट भेजा गया.
सेलर ने भेजा 2 टीबी अश्लील डेटा
बर्मन ने जोर देकर कहा कि उसे पेमेंट नहीं मिला, लेकिन कुछ देर के बाद वह मान गया. उसने क्लाउड स्टोरेज प्रोवाइडर Mega पर होस्ट किए गए एक फोल्डर का लिंक भेजा. इस फोल्डर में 2 टेराबाइट से अधिक पॉर्न कंटेंट था. आसान भाषा में समझें तो बर्मन की तरफ से शेयर किए गए डेटा को होस्ट करने के लिए आपको 128 जीबी स्टोरेज वाले 16 स्मार्टफोन की जरूरत पड़ेगी.
2 टीबी की पॉर्न क्लिप में भारतीयों के बलात्कार के कई वीडियो थे, जिनमें अलग-अलग सोशल बैकग्राउंड की लड़कियां, महिलाएं और बुजुर्ग महिलाएं शामिल थीं. इनमें से कई तो बेहद परेशान करने वाले थे. ज्यादातर डेटा चाइल्ड पॉर्नोग्राफी का था, जिसमें बहुत छोटे लड़के और लड़कियां भी शामिल थे.
500 रुपये में 1100 टेलीग्राम ग्रुप्स का एक्सेस
हालांकि, हर सेलर थोक में डेटा डाउनलोड करने के लिए लिंक नहीं देता है. एक अन्य सेलर जिसका टेलीग्राम पर नाम 'वीआईपी ट्रीटमेंट' था, उसके द्वारा भेजे गए यूपीआई क्यूआर कोड पर नाम 'लखबीर सिंह' का था. 500 रुपये के लिए, उसने 1100 टेलीग्राम ग्रुप्स के एक्सेस का वादा किया जहां इस तरह का अश्लील कंटेंट नियमित रूप से पोस्ट किया जाता है, यह फीचर सिर्फ टेलीग्राम पर उपलब्ध है.
लगभग एक जैसे दाम पर सब बेच रहे अश्लील कंटेंट
ऐसे तीन सेलर्स से बात की गई जो लगभग समान दाम पर अश्लील कंटेंट की पेशकश कर रहे थे. इन विक्रेताओं के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए, आजतक की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने उनकी डिजिटल पहचान हासिल करने के लिए एक ऑनलाइन टूल तैयार किया. कई बहानों के बाद उन्होंने टीम की तरफ से भेजे गए फर्जी लिंक पर आखिरकार क्लिक किया.
भारत के अलग-अलग शहरों से ऑपरेट कर रहे थे सभी यूजर
अन्य बातों के अलावा, उनके आईपी (इंटरनेट प्रोटोकॉल) एड्रेस से पता चला कि वे सभी भारतीय थे जो अलग-अलग शहरों से टेलीग्राम पर पॉर्न बेच रहे थे. जबकि जयदीप बर्मन के इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से पता चला कि वह कोलकाता से ऑपरेट कर रहा था, एक 'सिद्धू साब' उत्तर प्रदेश के लखनऊ से ऑपरेट कर रहा था और 'वीआईपी ट्रीटमेंट' या 'लखबीर सिंह' पंजाब के लुधियाना से ऑपरेट हो रहा था.
हमारे द्वारा प्राप्त जानकारी से पता चला कि उनके पास पर्याप्त डिजिटल सेफगार्ड्स नहीं थे जो प्रशिक्षित हैकर आमतौर पर अपनाते हैं. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बाल यौन शोषण सामग्री की आसानी से उपलब्धता और व्यापक वितरण से काफी नुकसान हो सकता है, जैसे बाल तस्करी में वृद्धि हो सकती है.
बच्चों के साथ यौन अपराध को बढ़ावा देता है कंटेंट
फिनलैंड स्थित 'प्रोटेक्ट चिल्ड्रेन' द्वारा किए गए एक शोध से पता चलता है कि चाइल्ड सीएसएएम (Child sexual abuse material) कंटेंट के यूजर आम जीवन में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार कर सकते हैं. एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में, 52 प्रतिशत सीएसएएम यूजर्स ने महसूस किया कि सीएसएएम देखने से बच्चे के खिलाफ यौन अपराध हो सकते हैं, 44 प्रतिशत ने ऑनलाइन बच्चे के साथ सीधे संपर्क करने के बारे में सोचा और उनमें से 37 ने सीएसएएम देखने के बाद ऑनलाइन बच्चे के साथ सीधे संपर्क की मांग की.