कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में थ्रेट कल्चर और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही कमेटी ने बड़ा एक्शन लिया है. कमेटी ने 10 डॉक्टरों समेत 59 स्टाफ को या तो पूरी तौर पर या अस्थायी तौर पर सस्पेंड कर दिया है. इनमें डॉक्टर, इंटर्न्स, स्टूडेंट्स और हाउस स्टाफ शामिल हैं. इन डॉक्टरों पर कई आरोप लगाए गए हैं, जिसमें रैगिंग का भी मामला शामिल है.
सस्पेंशन ऑर्डर से पहले जांच कमेटी ने एक बैठक की, जिसमें अधिकारी-डॉक्टर्स और इंटर्न्स की तरफ से प्रतिनिधि शामिल हुए थे. बैठक के दौरान मेडिकल छात्र बाहर नारेबाजी कर रहे थे, जिसमें उन्होंने अस्पताल में 'थ्रेट कल्चर' के आरोपी 59 लोगों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की थी. दस डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और अन्य पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है.
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सस्पेंड किए गए डॉक्टरों के नाम
निष्कासित डॉक्टरों में - सौरभ पाल, आशीष पांडे (जिन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार किया), अभिषेक सेन, आयुष्री थापा, निरंजन बागची, शरीफ हसन, नीलाग्नि देबनाथ, अमरेंद्र सिंह, सतपाल सिंह और तनवीर अहमद काजी शामिल हैं. उन्हें अगले 72 घंटों में हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया गया है. इन आरोपियों के नामों को राज्य मेडिकल काउंसिल को भी भेजा जाएगा, जिससे उनके रजिस्ट्रेशन की जांच और रद्द किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके.
थ्रेट कल्चर को खत्म करने की कोशिश
आरजी कर हॉस्पिटल प्रशासन ने सभी आरोपियों की लिस्ट जारी की है. उनके खिलाफ (जूनियर्स को) धमकी देने और भय का माहौल बनाने के आरोप लगाए गए हैं. अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर की घटना के बाद मामले की जांच शुरू हुई थी, जिससे कैंपस में थ्रेट कल्चर को काबू किया जा सके.
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इस बीच अस्पताल के भीतर भी जांच की मांग की गई थी, जिसके लिए कमेटी का गठन किया गया था. इन आरोपियों में डॉक्टर, हाउसस्टाफ, और इंटर्न्स शामिल थे. जांच कमेटी ने कई को बुलाकर पूछताछ की और शनिवार की बैठक के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई.