महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर विवादित टिप्पणी मामले में कॉमेडियन कुणाल कामरा को मद्रास हाईकोर्ट ने राहत दे दी है. मंगलवार को कॉमेडियन मद्रास हाईकोर्ट में पेश हुए और ट्रांजिट अग्रिम जमानत की मांग की. उन्होंने कोर्ट में पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है. इससे पहले हाईकोर्ट ने 28 मार्च को कुणाल कामरा को 7 अप्रैल तक अग्रिम जमानत दे दी थी.
ट्रांजिट अग्रिम जमानत किसी आरोपी को अपने वर्तमान अधिकार क्षेत्र में गिरफ्तारी से बचाती है यानी अंतरिम संरक्षण प्राप्त करने की अनुमति देती है, भले ही FIR उसके गृह राज्य के बाहर दर्ज की गई हो. HC ने आज कुणाल कामरा को वनूर अदालत जाने का निर्देश दिया, जिसने उन्हें राहत देते हुए जमानत दे दी.
'कामरा ने सीधे तौर पर नहीं की किसी की आलोचना'
मुंबई की खार पुलिस ने कामरा के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसके बाद उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी सुरक्षा मांगी थी. कामरा के वकील ने अदालत के समक्ष दलील दी कि कामरा ने सीधे तौर पर किसी की आलोचना नहीं की है और उनकी टिप्पणियों के पीछे कोई छिपा हुआ एजेंडा नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी में है.
कॉमेडियन की याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुंदर मोहन ने कामरा को जमानत हासिल करने के लिए वनूर अदालत में पेश होने का निर्देश दिया और मामले की सुनवाई 7 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी. अदालत ने उन्हें जमानत दे दी. अदालत ने उन्हें जमानत शर्तों के संबंध में आगे की कार्यवाही के लिए 7 अप्रैल को हाईकोर्ट के समक्ष पेश होने का भी आदेश दिया है.
कामरा के घर पहुंची पुलिस टीम
इससे पहले सोमवार को मुंबई पुलिस के अधिकारियों की एक टीम कॉमेडियन के घर पहुंची. पुलिस के घर पहुंचने पर कॉमेडियन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'जिस जगह पर वह 10 साल से नहीं रहे हैं, वहां जाना 'समय और सार्वजनिक संसाधनों की बर्बादी' है.'
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कॉमेडियन कुणाल कामरा को मुंबई के हैबिटेट सेंटर में उनकी विवादित टिप्पणी के सिलसिले में खार पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए. पुलिस ने इससे पहले शिवसेना विधायक मुरजी पटेल की शिकायत के आधार पर 24 मार्च को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद कामरा को दो समन भेजे थे.
'कामरा पर दर्ज हैं 3 FIR'
मुंबई पुलिस के मुताबिक, कामरा के खिलाफ खार पुलिस स्टेशन में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं. एक शिकायत जलगांव शहर के मेयर ने दर्ज कराई है, जबकि अन्य दो मामले नासिक के एक होटल व्यवसायी और एक व्यापारी ने दर्ज कराए हैं.
दरअसल, 23 मार्च को रिलीज हुए एक एपिसोड में कुणाल कामरा ने 1997 की फिल्म दिल तो पागल है के एक गाने का पैरोडी वर्शन (parody version) इस्तेमाल किया था, जिसमें डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा गया था.
कॉमेडियन की इस हरकत की कड़ी आलोचना हुई और शिवसेना कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की. इसके कुछ दिनों बाद बीएमसी ने हैबिटेट स्टूडियो के कुछ हिस्सों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया.
'मैं माफी नहीं मांगूंगा'
सूत्रों ने पहले आजतक को बताया कि कामरा ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वह जांच में सहयोग करेंगे, लेकिन फिलहाल वह मुंबई में नहीं हैं. सूत्रों ने बताया कि उन्होंने पुलिस से यह भी कहा कि वह अपनी टिप्पणी के लिए 'माफी नहीं मांगेंगे'.
इसके बाद में एक विस्तृत बयान में कामरा ने जोर देकर कहा कि नेताओं का मजाक उड़ाना कानून के खिलाफ नहीं है. उनके बयान के एक हिस्से में लिखा था, "एक शक्तिशाली सार्वजनिक व्यक्ति की कीमत पर मजाक को बर्दाश्त न कर पाने की आपकी अक्षमता मेरे अधिकार की प्रकृति को नहीं बदलती है."