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BENGAL KURMI PROTEST: पुरुलिया में विभिन्न रेलवे स्टेशनों और राज्य राजमार्गों पर 5 दिनों के नॉन स्टॉप विरोध के बाद कुर्मी समुदाय ने अपना विरोध वापस ले लिया है. कुस्तौर रेलवे स्टेशन पर कुर्मी सामुदायिक रेल रोको आंदोलन जिला प्रशासन के साथ बैठक के बाद आज समाप्त कर दिया. कुर्मी नेता अजीत महतो प्रशासन के साथ बैठक में शामिल हुए थे. कुर्मी समाज को ST में शामिल किए जाने की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन हो रहा था.
दरअसल, बीते पांच दिन से कुर्मी समाज के लोग खुद को अनुसूची जनजाति का दर्जा देने और संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने की मांग को लेकर 5 अप्रैल से आंदोलन कर रहे थे. विरोध के लिए रेल रोको आंदोलन किया गया था. इसके कारण रेलमार्ग बुरी तरह से प्रभारित रहा. सैकड़ों ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं. इसके अलावा सड़क मार्ग की अवरुद्ध किया गया था.
कुर्मी जाति को रखा गया है बाहर
पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा में 13 जातियों में से 12 जातियों को 1950 में शेड्यूल्ड ट्राइब के रूप में सूचीबद्ध किया गया था. हालांकि कुर्मी जाति को इससे बाहर रखा गया था. इसके लिए कुर्मी समाज 72 साल से अपने समाज को आदिवासी समाज का दर्जा देने की मांग कर रहा है.
जमशेदपुर में 95 ट्रेनें की गईं रद्द
बंगला में कुर्मी समाज के विरोध प्रदर्शन का असर झारखंड में भी देखने को मिला. दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर रेल डिवीजन और आद्रा रेल डिवीजन के परिचालन पर व्यापक असर पड़ा. इन मार्गों पर चलने वालीं लगभग सभी ट्रेनों का पिछले पांच दिनों से परिचालन बंद हैं.आंदोलन के कारण पिछले चार दिनों में दक्षिण-पूर्व रेलवे 496 ट्रेनों को रद्द कर चुकी है.
सबसे ज्यादा झारखंड के टाटानगर के यात्रियों को भूगतना पड़ा. उधर, रविवार को भी टाटानगर से नई दिल्ली, मुंबई, पुणे, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार जाने वाली लंबी दूरी सहित पैसेंजर ट्रेनें रद्द हैं.आज भी रेलवे ने 95 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा कर दी. वहीं, लगातार पिछले चार दिनों से रद्द हो रही ट्रेनों से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है.
अब आंदोलन वापस ले लिया गया है तो जल्द ही इन रूटों पर ट्रेनों को आवागमन सुचारू हो सकेगा. साथ ही जिन हाईवे को अवरुद्ध किया गया तो वहां से भी आंदोलनकारी वापस लौट रहे हैं.