पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में पुलिस ने कुर्मी समाज के अध्यक्ष और कुर्मी समाज के बड़े नेता राजेश महतो को गिरफ्तार कर लिया है. राजेश समेत चार लोगों को शनिवार को हिरासत में लिया गया था. तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हमले के मामले में राजेश महतो की गिरफ्तारी हुई है. वहीं, राजेश महतो ने कहा है कि पुलिस उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है, जबकि काफिले पर हुए हमले में वह शामिल ही नहीं थे. राजेश के मुताबिक, जिन लोगोंं ने हमला किया था, वह बाहर से आए हुए थे.
बता दें कि राजेश सरकारी टीचर हैं. जैसे ही उनकी गिरफ्तारी की गई, उसके कुछ समय बाद उनका ट्रांसफर भी कर दिया गया. वर्तमान में राजेश की तैनाती खड़गपुर के सरकारी स्कूल में थी, लेकिन अब उनका ट्रांसफर यहां से कूचबिहार के स्कूल में कर दिया गया है. राजेश की गिरफ्तारी और उनके ट्रांसफर पर राजनीति भी शुरू हो गई है.
बदले की भावना से लिया गया फैसला: शुभेंदु अधिकारी
बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने ट्वीट कर राजेश महतो की गिरफ्तारी और ट्रांसफर पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, ''जंगल महल का एक जाना-पहचाना चेहरा, राजेश महतो, बानापुर हाई स्कूल के सहायक शिक्षक, इस प्रतिशोधी राज्य सरकार द्वारा बदले की भावना से और मनमाने ढंग से महतो को खड़गपुर से कूचबिहार में स्थानांतरित कर दिया गया है. यह निरंकुश फैसला बिना किसी नियम का पालन किए लिया गया है.''
उन्होंने आगे लिखा है ''मैं इस स्थानांतरण की कड़ी निंदा करता हूं, जो पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा किए गए दमन के अलावा और कुछ नहीं है. मैं पश्चिम बंगाल के लोकतंत्र प्रेमी लोगों से अनुरोध करता हूं कि कृपया इस तरह के घृणित और दुष्ट कृत्य के खिलाफ आवाज उठाएं, जो लोकतांत्रिक आवाजों को चुप कराने के एकमात्र इरादे से किया जा रहा है.''
अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हुआ था हमला
बता दें कि, शनिवार शाम झाड़ग्राम जिले के शालबनी इलाके में अभिषेक बनर्जी के काफिले पर पर हमला हुआ था. हमला उस दौरान किया गया था जब काफिले में मौजूद अभिषेक की कार आगे निकल चुकी थी, लेकिन पीछे आ रही बंगाल सरकार में मंत्री बीरबाहा हांसदा की कार पर हमला हुआ था. इसके कारण कार को काफी नुकसान पहुंचा था और मंत्री इस हमले में बाल-बाल बच गए थे.