राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव को चारा घोटाले के एक मामले में सीबीआई कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद एक बार फिर से उनहे रिम्स के पेइंग वार्ड का कमरा ए-11 अलॉट किया गया है. इसी कमरे में उन्होंने काफी समय बिताया है. इधर, लालू के रिम्स में भर्ती होते ही पेइंग वार्ड में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाया गया है. तो वहीं हर आने-जाने वालों की जांच की जा रही है.
लालू प्रसाद की सुरक्षा में तीन शिफ्ट में 30 जवान तैनात किए गए हैं. लालू के स्वास्थ्य पर नज़र रखने के लिए 7 सदस्यीय मेडिकल टीम का गठन किया गया है. जिसे डॉ. विद्यापति लीड कर रहे हैं. उन्होंने आजतक को जानकारी देते हुए बताया कि लालू यादव की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव है.
लालू को दी जा रही प्रोटीन रिस्ट्रिक्टेड डाइट
डॉक्टरों ने जरूरी जांच करवाई है. और लालू को प्रोटीन रिस्ट्रिक्टेड डाइट दिया जा रहा है. किडनी मरीज़ को और जो एहतियात बरतने होते हैं उसका भी ध्यान रखा जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही मेडिकल बोर्ड निर्णय लेगा कि इलाज कैसे आगे बढ़ाना है. उन्होंने बताया कि फिलहाल पुरानी दवाएं ही चलाई जाएंगी. किडनी की परेशानी को देखते हुए लालू प्रसाद को सिर्फ दिन भी में आधा लीटर पानी पीने की सलाह दी है. डॉ. विद्यापति ने बताया कि वे पहले से ही किडनी, हार्ट समेत विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हैं, इसलिए वे कितने ठीक हैं इसका आकलन रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा. एम्स के चिकित्सकों की गाइडलाइन के अनुसार रिम्स में भी उनका इलाज चल रहा है.
बता दें कि लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले के डोरंडा केस में भी दोषी ठहराए गए हैं. यह मामला डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. रांची स्थित सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. मामले में सजा का ऐलान 21 फरवरी (सोमवार) को होगा. लालू यादव को दोषी करार देने के बाद सीधे जेल ले जाया गया. वहां से उन्हें RIMS हॉस्पिटल ले जाया गया.
क्या है मामला?
चारा घोटाले का यह मामला डोरंडा कोषागार से जुड़ा है. इसमें 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की बात सामने आई थी. चारा घोटाले के सबसे बड़े आरसी 47 ए/96 के ये मामले दरअसल 1990 से 1995 के बीच के हैं. इसपर सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई चल रही थी. पूर्व में चारा घोटाले के अलग-अलग मामले में फिलहाल लालू यादव को हाईकोर्ट से जमानत मिली हुई है.
डोरंडा कोषागार से जुड़े घोटाले में शुरुआत में 170 आरोपी थे. इसमें से 55 आरोपियों की मौत हो चुकी है. फिर दीपेश चांडक और आरके दास समेत सात आरोपियों को सीबीआई ने गवाह बनाया. वहीं सुशील झा और पीके जायसवाल ने कोर्ट के फैसले से पहले ही खुद को दोषी मान लिया था. मामले में छह नामजद आरोपी फरार हैं.