जमीन के बदले नौकरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद के करीबी अमित कत्याल को दिल्ली हाई कोर्ट ने नियामित जमानत दे दी. अमित कात्याल को पिछले साल केंद्रीय एजेंसी ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी, सांसद बेटी मीसा भारती से जुड़े कथित रेलवे भूमि घोटाले से संबंधित एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था. यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से सामने आया. इस मामले में ईडी ने मार्च में छापेमारी की थी और एजेंसी ने 200 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश से जुड़े दस्तावेज जब्त करने का दावा किया था.
जज नीना बंसल कृष्णा ने राहत देते हुए कहा, 'जमानत दी जाती है.' कत्याल को ईडी ने 11 नवंबर, 2023 को मनी लॉन्ड्रिंग के विभिन्न प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कत्याल ने रेलवे में नौकरी के इच्छुक कई लोगों से जमीन खरीदी और यह खरीद राजद प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद की ओर से की गई.
ईडी ने दावा किया है कि कत्याल ‘एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी के निदेशक थे, जिसने लालू प्रसाद की ओर से नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों से जमीन खरीदी थी. इस मामले में राजद प्रमुख के परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी आरोपी हैं. बाइस मई को निचली अदालत ने कत्याल की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उन्हें राहत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है.