केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर की टिप्पणी ने नई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है. अब CPI(M) ने संकेत दिया है कि यदि शशि थरूर अगर कांग्रेस छोड़ते है तो वह उनका गर्मजोशी के स्वागत करने के लिए तैयार हैं.
सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता थॉमस इसाक ने कहा कि अगर थरूर कांग्रेस छोड़ते हैं तो वे केरल की राजनीति में अकेले नहीं रहेंगे. उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने दीजिए, लेकिन सीपीआई (एम) के लिए थरूर को स्वीकार करने में कोई परेशानी नहीं है. हमारी पार्टी ने पहले भी कई कांग्रेस नेताओं का स्वागत किया है. उन्होंने थरूर के इतने लंबे वक्त तक कांग्रेस में बने रहे को भी चमत्कार बताया है.
उन्होंने ये टिप्पणी एक समाचार पत्र के आगामी मलयालम भाषा के पॉडकास्ट वर्तमानम पर थरूर के इंटरव्यू के जवाब में दी हैं, जिसमें उन्होंने केरल कांग्रेस में एक स्पष्ट नेता की कमी की ओर इशारा किया और वोटरों के बीच अपनी इंडिपेंडेंट अपील पर जोर दिया.
'दूसरों से आगे हूं मैं'
थरूर ने कहा, 'स्वतंत्र संगठनों द्वारा किए गए ओपिनियन पोल ने भी दिखाया है कि मैं केरल में नेतृत्व की हिस्सेदारी में दूसरों से आगे था. उनकी लोकप्रियता कांग्रेस के वफादारों से कहीं ज्यादा है.'
थरूर के बयान पर कांग्रेस खेमे में मिली-जुली प्रतिक्रिया आई हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि इंटरव्यू 18 फरवरी को थरूर के राहुल गांधी से मिलने से पहले यह रिकॉर्ड किया गया होगा.
'बिना सीएम फेस के उतरेगी कांग्रेस'
इस बीच केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के मुरलीधरन, जिन्हें 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए संभावित मुख्यमंत्री का चेहरा माना जा रहा है, ने सीपीआई (एम) के प्रस्तावों को खारिज करते हुए कहा कि ये हमारा आंतरिक मामला है.
उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस 2026 के चुनावों में मुख्यमंत्री पद के चेहरे के बिना ही चुनाव लड़ेगी, पारंपरिक प्रक्रिया का पालन करते हुए जिसमें निर्वाचित विधायक और हाईकमान जीत के बाद नेतृत्व का फैसला करते हैं.
थरूर ने की लेफ्ट सरकार की तारीफ
दरअसल, शशि थरूर ने बीते दिनों एक लेख में केरल की पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार की आर्थिक नीतियों और स्टार्टअप इनिशिएटिव के लिए तारीफ की थी.
इसी इंटरव्यू में थरूर ने यह स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पर निर्भर नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'अगर पार्टी मुझे चाहती है तो मैं पार्टी के लिए मौजूद रहूंगा. अगर नहीं तो मेरे पास करने के लिए अपने काम हैं. आपको यह नहीं सोचना चाहिए कि मेरे पास समय बिताने का कोई विकल्प नहीं है। मेरे पास विकल्प हैं. मेरे पास किताबें हैं, भाषण हैं, दुनिया भर से बातचीत के लिए निमंत्रण हैं.'
इसके बाद उन्हें राहुल गांधी ने तलब किया था. राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद के साथ उनकी बहुत अच्छी बातचीत रही. उन्होंने यह भी कहा कि वह बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के बारे में और अधिक जानकारी नहीं दे सकते.