तमिलनाडु के स्कूल में एक तेंदुआ (Leopard) घुस आया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई. तेंदुआ ने कार शेड में घुसने के बाद दो कारों में सवार पांच लोगों को घायल कर दिया. इसके बाद मामले की सूचना वन टीम को दी गई. आखिरकार रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुआ को पकड़ लिया गया. होसुर से आए पशु चिकित्सकों सहित वन विभाग की टीम ने कार के नीचे छिपे तेंदुए का रेस्क्यू किया.
एजेंसी के अनुसार, वन विभाग के अधिकारी ने कहा कि एक तेंदुआ भटककर यहां पहुंच गया था, जिसे हमने पकड़ लिया है. हमने कार में फंसे पांच लोगों को भी निकाला. कार के अंदर 6-7 घंटे से कैद रहे असगर खान ने कहा कि हमें डर था कि अगर बाहर निकलें तो तेंदुआ कहीं हमला न कर दे.
असगर के साथ उनके भाई और एक दोस्त ने अपनी कार पार्क की थी, तभी शेड के चौकीदार ने उन्हें बताया कि कार शेड में एक तेंदुआ घुस आया है. हमने तुरंत शेड के गेट को बंद कर दिया, ताकि जानवर भाग न सके और खुद को कार में बंद कर लिया. तेंदुए ने चौकीदार पर हमला कर दिया था. एक ड्राइवर ने चौकीदार को तुरंत दूसरी कार में ले लिया.
तिरुपथुर के जिला कलेक्टर के थारपगराज, पुलिस अधीक्षक अल्बर्ट जॉन और वन विभाग के अधिकारियों ने कार में फंसे लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द उनकी मदद होगी, वे वाहनों के अंदर सुरक्षित रहें. कार के अंदर बंद लोग अधिकारियों के साथ वॉट्सएप व वीडियो कॉल पर संपर्क में थे.
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इसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और ऊपर छत की ओर से एक सीढ़ी लटकाई और शेड से बाहर आने के लिए कहा. शुरू में कार में बैठे लोग बाहर निकलने में डर रहे थे. अधिकारियों के आश्वस्त करने के बाद वे बाहर आए और सीढ़ी पर चढ़कर छत पर पहुंचे. असगर खान ने कहा कि मैं जैसे ही सीढ़ी पर चढ़ा तो देखा कि तेंदुए की आंखें चमक रही थीं. मुझे लगा कि हमला कर सकता है.
इस रेस्क्यू को वन विभाग की तीन टीमों ने पूरा किया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस के अलावा 50 कर्मचारी शामिल थे. टीमों ने कार शेड को घेर लिया और चारों ओर रस्सी के जाल बिछाए, ताकि तेंदुआ भाग न सके. होसुर से आए पशु चिकित्सकों ने सुबह तेंदुए को ट्रैंक्विलाइजर का इंजेक्शन लगाया और बेहोश होने पर उसे पकड़ लिया.
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अधिकारी के अनुसार, अपने बच्चे को लेने स्कूल आए एक अभिभावक ने शाम करीब 4 बजे कलेक्ट्रेट के पास स्थित स्कूल परिसर में तेंदुए को देखा था, जिसके बाद उसने तुरंत सूचित किया था. शुरू में जाल की मदद से पकड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली. तेंदुए के हमले में घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शेड में आठ कारें थीं. तीन लोग एक कार में और दो अन्य कार में फंसे हुए थे. वे लगभग आठ घंटे तक बाहर नहीं निकल सके.
पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुप्रिया साहू ने बताया कि तमिलनाडु वन विभाग के कर्मियों ने तेंदुए को सफलतापूर्वक पकड़ लिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि तेंदुआ तिरुपथुर शहर में घुस आया था, जिससे दहशत फैल गई. पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों के साथ विभाग की तीन टीमों ने तेंदुए का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित रूप से वन क्षेत्र में छोड़ दिया.