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कौन हैं Lt. Gen. Manoj Pande? जो बने हैं भारतीय सेना के नए वाइस चीफ

लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने आज भारतीय सेना के नए वाइस चीफ का पदभार संभाल लिया. लेफ्टिनेंट जनरल पांडे इससे पहले कोलकाता में पूर्वी कमान संभाल रहे थे.

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लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे. (फाइल फोटो)
लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 1982 में कमीशन हुए थे लेफ्टिनेंट जनरल पांडे
  • एलओसी पर भी कई जिम्मेदारी संभाल चुके हैं

लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे भारतीय सेना के नए वाइस चीफ बन गए हैं. उन्होंने आज कार्यभार संभाल लिया. उनसे पहले लेफ्टिनेंट जनरल चंडी प्रसाद मोहंती वाइस चीफ थे.

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लेफ्टिनेंट जनरल पांडे इससे पहले कोलकाता में पूर्वी कमान की कमान संभाल रहे थे. पूर्वी कमान अरुणाचल और सिक्किम जैसे राज्यों की चीन से रखवाली करती है. 

कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल पांडे?

लेफ्टिनेंट जनरल पांडे को 1982 में बॉम्बे सैपर्स में कमीशन मिला था. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 'ऑपरेशन पराक्रम' के दौरान एलओसी के साथ एक इंजीनियर रेजिमेंट की कमान संभाली. उन्होंने ब्रिटेन के स्टाफ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. उन्होंने हायर कमांड और नेशनल डिफेंस कॉलेज से भी पढ़ाई की है.

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अपने 39 साल के सैन्य करियर में उन्होंने कई अहम ऑपरेशन में हिस्सा लिया है. साथ ही कई अहम जिम्मेदारियां भी संभाली हैं. उन्होंने पश्चिमी थिएटर में इंजीनियर ब्रिगेड, जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर इन्फेंट्री ब्रिगेड, पश्चिमी लद्दाख में माउंटेन डिविजन, अंडमान निकोबार कमांड के कमांडर इन चीफ होने के साथ-साथ पूर्वी कमान की कमान भी संभाली है.

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लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने संयुक्त राष्ट्र के मिशन के तहत इथियोपिया और इरिट्रिया में भी जनरल इंजीनियर के तौर पर काम किया है. 

कई पुरस्कारों से भी सम्मानित 

अपने करियर में लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने न सिर्फ सभी तरह के इलाकों में काम किया है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भी काम किया है. उन्होने परमि विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन और GOC-in-C कमेंडेशन से दो बार सम्मानित किया जा चुका है.

 

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