भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने के बाद राजधानी लखनऊ (Lucknow) में चुनाव की तैयारियों पर बात की. उन्होंने कहा कि हम तीन दिनों से इस बात की समीक्षा कर रहे हैं कि किस तरह से यह चुनाव त्यौहार निष्पक्ष और पारदर्शी तरह से व्यवधान मुक्त हो.
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि सबसे पहले हमने सात राजनीतिक दलों से मुलाकात की. इस दौरान राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के सामने अपनी कुछ मांगें रखी हैं, जो इस तरह हैं...
- चुनाव आयोग के द्वारा स्थापित मानक का कड़ाई से पालन हो.
- चुनाव में धन और बाहुबल का प्रयोग रोका जाए.
- गाड़ियों और घरों से झंडे ना हटाए जाए.
- चुनावी खर्चे के लिए प्रत्याशियों को बैंक की चेक बुक बड़ी दिलवाई जाए.
- ऊंची इमारतों में बूथ बनाए जाएं.
- ईवीएम का कोई विरोध नहीं है लेकिन ऐसे साधन का इस्तेमाल हो जिससे इसके प्रयोग पर भरोसा हो सके.
- पोलिंग एजेंट को बाहर ना निकाला जाए.
- काउंटिंग के हर राउंड में पोलिंग एजेंट से दस्तखत करवाए जाएं.
बता दें कि मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 16 जून 2024 को खत्म हो रहा है. ऐसें चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. उत्तर प्रदेश में कुल 1,62,0120 पोलिंग बूथ होंगे, इनमें से कुछ बूछ महिलाएं संचालित करेंगी. अगर यूपी के वोटर्स की संख्या की बात की जाए, तो सूबे में 31 हजार मतदाता सौ साल से ज्यादा उम्र के हैं. वहीं 7.26 लाख महिला मतदाता पहली बार वोट करेंगी.
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चुनाव को लेकर क्या हैं आयोग की तैयारियां?
- ऐसे बूथ और विधानसभा को चिन्हित किया जा रहा है, जहां पर मतदान प्रतिशत कम है. ऐसे इलाकों में लोगों वोट करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
- 40 फीसदी से ज्यादा दिव्यांग मतदाता घर से वोट दे सकेंगे.
- अपराधिक रिकॉर्ड वाले प्रत्याशी को 3 बार अपने क्रिमिनल रिकॉर्ड का इश्तहार देने होंगे और टिकट देने वाले दल को प्रत्याशी बनाने की वजह बतानी होगी.
- अभी से कैश, शराब और अन्य प्रतिबंधित सामानों के ट्रांसपोर्टेशन को रोका जाएगा.
- ई-बैंकिंग और वॉलेट के जरिए वोटर्स को पैसा देने की कोशिश पर आयोग की नजर होगी. सभी बैंकिंग सेक्टर की एजेंसियां नजर रखेंगी.
- प्रत्याशियों खोले गए नए अकाउंट के लिए बैंक 200 पेज की चेक बुक देगी.
- फर्जी खबरों और अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने वालों पर सभी जिलों को सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे लोगो पर आईटी एक्ट के सेक्शन 79 के तहत कार्रवाई की जाएगी.
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चुनाव आयोग के तीन जरूरी ऐप्लीकेशन
cVIGIL: इस एप्लीकेशन के जरिए कोई भी मतदाता अपने फोटो और वीडियो सीधे चुनाव आयोग को भेज सकता है. 100 मिनट के अंदर टीम मौके पर पहुंचकर आयोग को रिपोर्ट देगी.
Know Your Candidate: यह चुनाव आयोग के द्वारा डेवलप किया गया एक ऐसा ऐप्लीकेशन है, जिसमें हर प्रत्याशी की पूरी जानकारी दी गई है.