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पहली बार UN शांति मिशन में भारतीय बख्तरबंद युद्धक वाहन तैनात

संयुक्त राष्ट्र के मिशन में अब भारतीय सैनिक स्वदेश में बनी बख्तरबंद युद्धक वाहन में पेट्रोलिंग करेंगे. ऐसा पहली बार हुआ है कि जब कोई भारत में बनी ऑर्मर्ड कॉम्बैट व्हीकल को यूएन मिशन में लगाया गया है.

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दक्षिणी सूडान के एबी में कार्गो प्लेन से ले जाए गए स्वदेशी बख्तरबंद युद्धक वाहन. (फोटोः भारतीय सेना)
दक्षिणी सूडान के एबी में कार्गो प्लेन से ले जाए गए स्वदेशी बख्तरबंद युद्धक वाहन. (फोटोः भारतीय सेना)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • टाटा और भारत फोर्ज ने बनाए ये वाहन
  • दक्षिणी सूडान के एबी में किए गए तैनात

दक्षिणी सूडान (South Sudan) के एबी में चल रहे संयुक्त राष्ट्र मिशन (UN Mission) पहली बार भारतीय सैनिक स्वदेशी बख्तरबंद युद्धक वाहन (Armoured Combat Vehicles) का उपयोग करेंगे. भारत से ऐसे दो वाहन सूडान भेजे गए हैं. भारतीय सैन्य अधिकारी ने कहा कि भारत पूरे विश्व में शांति चाहता है. इसलिए उसके जवान संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में भाग लेते हैं. इस बार खुशी ज्यादा है क्योंकि हमारे पास भरोसेमंद स्वदेशी बख्तरबंद युद्धक वाहन है. 

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दक्षिणी सूडान में भेजे गए बख्तरबंद युद्धक वाहन (Armoured Combat Vehicles) का नाम है QRFV M4 आर्मर्ड पर्सनल करियर और TATA Xenon लाइट व्हीकल्स. इन गाड़ियों को सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने आर्मी चीफ डेसिगनेट लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे की मौजूदगी में पुणे में सेना में शामिल किया था. 

QRFV का पूरा नाम है क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल मीडियम. इसके अलावा इन्फैन्ट्री प्रोटेक्टेड मोबिलिटी व्हीकल, अल्ट्रा लॉन्ग ऑब्जरवेशन सिस्टम भी भेजे गए हैं. जिन्हें टाटा एडवांस सिस्टम लिमिटेड (TASL) ने बनाया है. वहीं ऑर्मर्ड व्हीकल को भारत फोर्ज ने बनाया है. यह बख्तरबंद वाहन मोनोकोक हल मल्टी रोल माइन प्रोटेक्टेड आर्मर्ड व्हीकल है. यानी अगर इसके नीचे बारूदी सुरंग भी फट जाए तो इसे कुछ नहीं होगा. 

TASL और भारत फोर्ज की ओर से बनाए गए इन वाहनों को भारतीय सेना में शामिल करने से ताकत और बढ़ जाएगी. ये हर तरह के संघर्ष वाले इलाकों में बेहतरीन प्रदर्शन के लिहाज से बनाए गए हैं. इनके अंदर सैनिक सुरक्षित रहेंगे. 

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