मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में इंदौर के भंवरकुंआ क्षेत्र की प्रोफेसर कॉलोनी में प्रसाशन ने बुल्डोजर एक्शन करवाया है. इलाके की निजी जमीन पर पिछले 5 साल से रहने वाले 12 परिवारों को इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने हटा दिया. कार्रवाई के दौरान नागरिकों ने जमकर विरोध किया. इस दौरान सड़क पर कई घंटों तक जाम लग गया और यातायात प्रभावित हुआ.
एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि प्रोफेसर कॉलोनी में निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जिसमें निजी व्यक्ति की जमीन पर कुछ लोगों ने अनाधिकृत रूप से कब्जा कर लिया था. मामला तहसीलदार न्यायालय में दर्ज कराया गया और सभी पक्षों को सुनने के बाद कार्रवाई की गई और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए. उन्होंने आगे बताया कि बुधवार को नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. वहां रहने वाले लोगों को कई बार यहां से हटने के लिए समझाया गया था लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया.
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चार साल से रहते थे लोग
एसडीएम का कहना है कि जिन लोगों ने यहां अतिक्रमण किया था, उनका विरोध भी किया जा रहा था. अब उन्हें बलपूर्वक यहां से हटा दिया गया. यहां करीब 2500 वर्ग फीट का प्लॉट था, जिस पर 5 परिवारों ने कब्जा कर मकान बना लिया था. जानकारी के मुताबिक, यह परिवार 4 साल से यहां रहता था.
एसीपी देवेन्द्र धुर्वे ने बताया कि भंवरकुंआ की एप्पल हॉस्पिटल के सामने कॉलोनी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित थी, जिसमें राजस्व, पुलिस और नगर निगम कार्रवाई करने के लिए मौके पर पहुंचे थे. इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने कार्रवाई का विरोध भी किया और जाम लग गया, जिसके बाद पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने यातायात को संभालने का काम किया. एसीपी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान चार थाने और पुलिस लाइन की करीब 70 से 75 पुलिस फोर्स मौजूद थी.