दिल्ली के राजेंद्र नगर कोचिंग हादसे की मजिस्ट्रेट जांच में सामने आया है कि MCD और अग्निशमन विभाग (फायर डिपार्टमेंट) ने नियमों को ताक पर रखकर कई कानूनों का उल्लंघन किया था. 27 जुलाई को कोचिंग बेसमेंट में अचानक पानी भर जाने से 3 छात्रों की मौत हो गई थी.
एमसीडी ने समय पर नहीं लिया एक्शन
बुधवार को राजस्व मंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 'RAU's स्टडी सर्कल के मालिक और प्रबंधन ने भी छात्रों के जीवन की परवाह किए बिना खतरनाक बेसमेंट का इस्तेमाल जारी रखा और लापरवाही बरती.' रिपोर्ट से पता चला कि इमारत में 'नियमों के उल्लंघन' को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और अग्निशमन विभाग ने पहले भी देखा था लेकिन उन्होंने इसपर कोई एक्शन नहीं लिया था.
जांच में क्या आया सामने
जिला मजिस्ट्रेट (केंद्रीय) द्वारा की गई जांच से पता चला कि जिस इमारत में कोचिंग सेंटर चल रहा था उसमें कार्यालय/व्यावसायिक उपयोग की अनुमति थी, जिसके लिए फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की आवश्यकता नहीं थी. लेकिन, शैक्षणिक गतिविधियों के लिए यहां अग्निशमन विभाग की एनओसी लेनी चाहिए थी. लेकिन ऐसा नहीं किया गया था.
रिपोर्ट में कहा गया है कि अग्निशमन विभाग ने इस साल 1 जुलाई को इस बेसमेंट का निरीक्षण किया था. लेकिन लाइब्रेरी के रूप में इमारत के बेसमेंट के इस्तेमाल पर उसने कोई एक्शन नहीं लिया. रिपोर्ट में एमसीडी अधिकारियों पर बरसाती नालों पर अतिक्रमण और गाद निकालने की कमी का भी आरोप लगाया गया है.
5 साल से नहीं निकाली गई गाद
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बेसमेंट जहां है वहां हमेशा जलभराव की संभावना होती है. लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र के नालों से पांच साल से गाद नहीं निकाली गई है. दिल्ली सरकार के राजस्व मंत्री द्वारा घटना की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया गया था और मामले में प्रारंभिक रिपोर्ट 29 जुलाई को प्रस्तुत की गई थी. दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने घटना की जांच अपने हाथ में ले ली है. जांच में छात्रों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित 15 लोगों के बयान दर्ज किए गए.
27 जुलाई को हुआ था हादसा
भारत की राजधानी दिल्ली में यूपीएससी एग्जाम की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की शनिवार (27 जुलाई) को उनके कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भर जाने से मौत हो गई थी. हादसा ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित RAU's IAS कोचिंग सेंटर में हुआ था. दो छात्राएं और एक छात्र- चार घंटे से अधिक समय तक बेसमेंट के अंदर फंसे रहे थे, जब तक उनको रेस्क्यू किया जाता, तीनों की मौत हो चुकी थी.