रेलवे 'मौनी अमावस्या' के दिन महाकुंभ मेला में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए 360 ट्रेनें चला रहा है, जिसमें 190 स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं. इस दिन 'अमृत स्नान' के लिए लगभग 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ सतिश कुमार ने मंगलवार को यह जानकारी दी. सतिश कुमार ने कहा कि रेलवे ने श्रद्धालुओं की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की है और 'मौनी अमावस्या' के दिन यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.
उन्होंने बताया कि इस दिन रेलवे 360 ट्रेनें चला रहा है, जिसमें 190 स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं. ये ट्रेनें तीन रेलवे जोन, उत्तर रेलवे, उत्तर पूर्व रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे में चल रही हैं ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ को संभाला जा सके. रेलवे ने प्रयागराज में 5000 करोड़ रुपये की लागत से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है, जिससे यात्रा की सुविधा बढ़ी है. रेलवे ने नए रोड अंडर ब्रिज (RUBs), रोड ओवर ब्रिज (ROBs), ट्रैक डबलिंग और स्टेशन अपग्रेड्स जैसी सुविधाएं भी विकसित की हैं.
नया टॉयलेट, खाने-पीने के स्टॉल, हेल्प सेंटर बना
प्रयागराज में रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए नए शौचालय, पानी, खाने-पीने के स्टॉल, फर्स्ट एड हेल्प सेंटर और यात्री सुविधा केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों में व्हीलचेयर, सामान ट्रॉली, होटल और टैक्सी बुकिंग, दवाइयां, बेबी मिल्क और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराए जाएंगे.
सुरक्षा के लिए रेलवे पुलिस बल (RPF) को तैनात किया गया है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रंगीन टिकट और 'आश्रय स्थल' बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु आराम से इंतजार कर सकते हैं. इन आश्रय स्थलों में खाने-पीने की व्यवस्था और कई भाषाओं में सूचना भी दी जाएगी. सबसे बड़ा आश्रय स्थल ख़ुसरो बाग है, जो प्रयागराज स्टेशन के पास स्थित है और इसमें एक साथ 1 लाख श्रद्धालु बैठ सकते हैं.