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महाराष्ट्र में प्रचार के आखिरी दिन राहुल गांधी का 'सेफ शॉट', क्या चुनाव में मिलेगा फायदा

Maharashtra Assembly Elections 2024: बीजेपी और कांग्रेस दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, लेकिन महाराष्ट्र की जनता पीएम मोदी के 'एक हैं तो सेफ हैं' के नारे पर या फिर राहुल गांधी द्वारा इस नारे की की व्याख्या पर भरोसा करती है- ये 23 नवंबर को पता चलेगा. 

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राहुल गांधी ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी के 'एक हैं तो सेफ हैं' नारे पर कटाक्ष किया. (PTI Photo)
राहुल गांधी ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी के 'एक हैं तो सेफ हैं' नारे पर कटाक्ष किया. (PTI Photo)

महाराष्ट्र चुनाव में अब तक पीएम मोदी के 'एक हैं तो सेफ हैं' नारे के सामने बैकफुट पर नजर आ रहा विपक्ष राहुल गांधी के तिजोरी वाले दांव के बाद अचानक फ्रंटफुट पर नजर आने लगा है. राहुल की प्रेस वार्ता के बाद मुंबई से लेकर दिल्ली तक बीजेपी का पलटवार शुरू हो गया. पहले सफेद चादर से ढकी तिजोरी दिखाई, फिर तिजोरी खोली और दो पोस्टर निकाले. उद्योगपति गौतम अदाणी के बहाने राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधी हमला बोला.

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आरोप वही पुराने हैं, लेकिन इल्जाम लगाने का तरीका एकदम नया है. दरअसल राहुल गांधी ने अदाणी के धारावी प्रोजेक्ट के जरिए 'एक हैं तो सेफ हैं' वाले नारे पर बीजेपी को जवाब दिया. उन्होंने दो पोस्टर दिखाते हुए सवाल किया आखिर सेफ कौन है? राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिजोरी से निकालकर जो पोस्टर दिखाए, उनमें से एक में पीएम मोदी और गौतम अदाणी की एक दूसरे के सामने हाथ जोड़े हुए तस्वीरें थीं, दूसरे में धारावी रिडेवलेपमेंट प्रोजेक्ट का साइट मैप. 

राहुल ने बीजेपी पर लगाया क्रोनी कैपिटलिज्म का आरोप

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र और मुंबई की जनता की कीमत पर केंद्र की भाजपा और राज्य की महायुति सरकार गौतम अदाणी को फेवर कर रही है. उन्होंने कहा कि अदाणी को धारावी दिया जा रहा है, देश के एयरपोर्ट दिए जा रहे हैं, पोट दिए जा रहे हैं. डिफेंस सेक्टर से भी जुड़े प्रोजेक्ट दिए जा रहे हैं. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह बिना राजनीतिक समर्थन के संभव नहीं है कि विभिन्न बिजनेस सेक्टर में एक ही उद्योग समूह का एकाधिकारी हो. 

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राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी राज में सिर्फ अदाणी सेफ हैं और देश की जनता अनसेफ है. उनके इन आरोपों पर बीजेपी ने भी पलटवार किया. उलटा आरोप मढा कि कांग्रेस का हाथ सदा से अदाणी के साथ रहा है. यानी कांग्रेस की कथनी और करनी में बड़ा फर्क है. राहुल गांधी ने पोस्टर जारी किया तो बीजेपी ने भी पोस्टर जारी किया. राहुल ने पीएम और अदाणी पर हमला करते हुए पोस्टर दिखाया, वहीं बीजेपी ने सोनिया और राहुल गांधी का पोस्टर लहराया. महराष्ट्र में 20 नवंबर को वोटिंग होगी और 23 नवंबर को जनता का जनादेश दुनिया के सामने होगा. अब सवाल यही है महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी बाजी मारेगी या फिर महायुती को एक बार फिर मौका मिलेगा. क्या हरियाणा की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी 'एक हैं तो सेफ हैं' वाला नारा बहुमत दिला देगा.

CM योगी के 'बंटेंगे तो कटेंगे' नारे की महाराष्ट्र तक चर्चा

सबसे पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र के चुनावी दंगल में 'बटेंगे तो कटेंगे' का अपना नारा दोहराया. फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें थोड़ा बदलाव किया और 'एक हैं तो सेफ हैं' का नारा दिया. महाराष्ट्र चुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान बीजेपी यही नारा गुनगुनाती रही. ये तब है जब बीजेपी के साथी अजित पवार ने योगी आदित्यनाथ के नारे का खुला विरोध किया. दावा यही किया कि महाराष्ट्र में योगी का नारा नहीं चलेगा. अजित पवार को नारा सूट नहीं किया, लेकिन शिंदे मानते हैं कि 'बटेंगे तो कटेंगे' नारे में कोई दोष नहीं. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का आरोप है कि जो समाज को काटते और बांटते हैं, वही 'एक हैं तो सेफ हैं' का नारा लगा रहे हैं.

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महाराष्ट्र चुनाव के लिए प्रचार के आखिरी दिन यानी 18 नवंबर को राहुल गांधी जब प्रेस वार्ता में आए तो उनके पीछे एक तिजोरी थी. तिजोरी के दरवाजे पर लिखा था, 'एक हैं तो सेफ हैं'. राहुल गांधी ने तिजोरी खोली और दो पोस्टर निकाले. आरोप यही लगाया कि पीएम के नारे का असल मतलब हैं- देश में सिर्फ और सिर्फ अदाणी ही सेफ हैं. एक लाइन में समझें तो राहुल ने धारावी के रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के बहाने PM मोदी पर निशाना साधा, वह भी अलग अंदाज में. दरअसल इस बार राहुल ने तिजोरी का इस्तेमाल किया, इससे पहले वॉशिंग मशीन के बहाने विपक्ष बीजेपी पर हमला करता आया है. इस आरोप के साथ कि बीजेपी में शामिल होते ही दागी नेताओं के दाग धुल जाते हैं. 

मुंबई से दिल्ली तक बीजेपी का राहुल गांधी पर पलटवार

बात निकली तो दूर तक पहुंच गई. राहुल का तिजोरी वाला दांव मानो सटीक निशाने पर लगा. मुंबई में बीजेपी महासचिव विनोद तावड़े और दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया. विनोद तावड़े ने कहा, 'हमने धारावी की जमीन किसी को नहीं दी है. राहुल गांधी जान लें, धारावी की जमीन महाराष्ट्र सरकार की ही रहेगी. आपने (राहुल गांधी) कहा कि हम गरीबों को वहां से हटाना चाहते हैं. यह टेंडर महा विकास अघाड़ी के समय बनी टेंडर शर्तों के आधार पर जारी किया गया था. सच तो ये है कि जो धारावी में रहेगा, उसे वहीं घर मिलेगा.'

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उन्होंने कहा, 'प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के हिसाब से देखें तो इस देश में सबसे ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश महायुति सरकार के दौरान आया था. आपके समय में महाराष्ट्र की रैंकिंग नीचे चली गयी. क्या राहुल गांधी रॉबर्ट वाड्रा, अशोक गहलोत, रेवंत रेड्डी, शशि थरूर और अन्य कांग्रेस नेताओं के बारे में भूल गए हैं, जिन्होंने गौतम अडानी के साथ तस्वीरें खिंचवाई थीं? क्या अपने लॉकर में रखने के लिए उनके पास अपने नेताओं की तस्वीरें नहीं थीं. हम एक हैं तो सुरक्षित हैं, राहुल गांधी फेक हैं.'

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संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'जिसकी जैसी भावना होती है, उसे सेफ का अर्थ भी वैसा ही समझ आएगा. हमारे नेता पीएम मोदी के नारे एक हैं तो सेफ हैं में, सेफ का अर्थ सुरक्षा से है. पीएम मोदी इस बात की चिंता करते हैं कि भारत के लोगों को कैसे घुसपैठियों से सुरक्षित रखा जाए. वहीं, सेफ का अर्थ तिजोरी से भी होता है, जो राहुल गांधी समझते हैं. कांग्रेस तिजोरी में सेंध मारती है. वर्षों से दादा, परदादा, दादी, पापा-मम्मी सबने मिलकर सेंध मारने का काम किया है. तिजोरी में सेंध मारने वालों ने सेफ का अर्थ तिजोरी समझा. इसमें गलती किसी की नहीं है. गलती उस खानदान की है, जिसने बार-बार तिजोरी में सेंध मारने का काम किया.'

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23 नवंबर को पता चलेगा जनता किस पर करेगी भरोसा

पात्रा ने कहा, 'इन्होंने बार-बार घोटाले पर घोटाला करके हिंदुस्तान को लूटने का काम किया है. नेशनल हेराल्ड केस में 5 हजार करोड़ का घोटाला, 2जी केस में 1 लाख 46 हजार करोड़ का घोटाला. एंट्रिक्स-देवास केस में 1 हजार करोड़, कोल स्कैम में 10 लाख करोड़ का घोटाला और अगस्ता-वेस्टलैंड केस में 3600 करोड़ का घोटाला. ये घोटाले के सारे पैसे गांधी परिवार की तिजोरी में बंद हैं. शनल हेराल्ड केस में मां आरोपी नंबर वन हैं और बेटा आरोपी नंबर दो. दोनों बेल पर बाहर हैं. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि महाराष्ट्र और झारखंड की चुनावी तिजोरी में कांग्रेस के पल्ले कुछ पड़ने वाला नहीं है. 23 को जब नतीजे आएंगे तो यही सच्चाई दिखेगी.' बीजेपी और कांग्रेस दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, लेकिन महाराष्ट्र की जनता पीएम मोदी के 'एक हैं तो सेफ हैं' के नारे पर या फिर राहुल गांधी द्वारा इस नारे की की व्याख्या पर भरोसा करती है- ये 23 नवंबर को पता चलेगा.

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