महाराष्ट्र (Maharashtra) की एकनाथ शिंदे सरकार ने मंगलवार को राज्य से जुड़ी पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया, जिसमें मुस्लिम समुदाय के अंतर्गत आने वाली कुंजड़ा जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची में शामिल करने की सिफारिश की गई थी. आयोग की 56वीं रिपोर्ट में 6 ऐसे मामले बताए गए हैं, जिनमें मुस्लिम समुदाय में कुंजड़ा जाति शामिल थी. अब कुंजड़ा का जिक्र ओबीसी श्रेणी में मुस्लिम समुदाय में माली, बागवान और रैन (माली) जातियों के साथ किया जाएगा.
राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया, "सरकार ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश के मुताबिक कुछ नई जातियों को शामिल करके एक अद्यतन सूची तैयार की है. सिफारिशों पर चर्चा की गई और उन्हें स्वीकार कर लिया गया.
राज्य मंत्रिमंडल ने राज्य में अल्पसंख्यकों के पिछड़ेपन को दूर कर उनके सर्वांगीण विकास के लिए 'तरती', 'बरती', 'सारथी', 'महाज्योति', 'अमृत' की तर्ज पर अल्पसंख्यक शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी 'MRTI' की स्थापना करने का फैसला लिया है. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और वित्त एवं योजना मंत्री अजित पवार की कोशिशों को सफल बताते हुए राज्य के कई मुस्लिम और अल्पसंख्यक संगठनों और संस्थाओं ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार को बधाई दी है.
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अजित पवार ने बताया कि अल्पसंख्यक शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के लिए कुल 11 पदों को मंजूरी दी गई है. इसी तरह इस संस्थान की स्थापना पर पदों के लिए वेतन, कार्यालय व्यय, पिछड़ापन अध्ययन, प्रशिक्षण के लिए कुल 6 करोड़ 25 लाख रुपए के व्यय को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है.
बीजेपी ने कांग्रेस पर लगाया था आरोप
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस मुसलमानों को ओबीसी में शामिल करने की योजना बना रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, "कांग्रेस ने कर्नाटक में पिछले दरवाजे से सभी मुस्लिम जातियों को ओबीसी के साथ जोड़कर धर्म के आधार पर आरक्षण दिया है. ऐसा करके उसने ओबीसी समुदाय से आरक्षण का एक बड़ा हिस्सा छीन लिया है."
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