वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद ने अपनी मुहर लगा दी है. लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी गुरुवार को 12 घंटे से अधिक चली मैराथन बहस के बाद यह विधेयक पारित होगा. विधेयक के समर्थन में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े. एक दिन पहले लोकसभा में वक्फ विधेयक समर्थन पारित हुआ था, तब निचले सदन में इसके समर्थन में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े थे. अब इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और उनकी मंजूरी मिलते ही यह कानून बन जाएगा.
वक्फ बिल संसद से पास होने के बाद विपक्षी दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने X पर पोस्ट किया, 'वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक के बारे में देश में ऐसा माहौल बना है कि अल्पसंख्यकों को तंग करने के लिए ये बिल लाया गया है. लोकसभा में देर रात ये बिल पास हुआ तो इसके पक्ष 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े. ऐसा क्यों हुआ? इसका मतलब बिल में बहुत खामियां हैं. इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि विभिन्न दलों के विरोध के बाद भी मनमानी से ये बिल लाया गया. ये जिसकी लाठी, उसकी भैंस- किसी के लिए ठीक नहीं होगा.'
Waqf Board Amendment Bill के बारे में देश में ऐसा माहौल बना है कि Minorities को तंग करने के लिए ये बिल लाया गया है।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) April 4, 2025
लोकसभा में देर रात ये बिल पास हुआ तो इसके पक्ष 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। ऐसा क्यों हुआ? इसका मतलब बिल में बहुत खामियां हैं।
इसी से अंदाजा लगा सकते है कि… pic.twitter.com/VXamb3KW35
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने वक्फ विधेयक को लेकर X पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट किया, जिसके एक हिस्से में उन्होंने लिखा, 'भाजपा वाले मुसलमान भाइयों की वफ्फ की जमीन चिन्हित करने की बात कर रहे हैं, जिससे महाकुंभ में जो हिंदू मारे गए हैं या खो गए हैं उनको चिन्हित करने की बात पर पर्दा पड़ जाए. वक्फ बिल के आने से पूरी दुनिया में एक गलत संदेश भी जाएगा. इससे देश की पंथ निरपेक्ष छवि को बहुत धक्का लगेगा. वक्फ बिल भाजपा की नफरत की राजनीति का एक और अध्याय है. वक्फ बिल भाजपा के लिए वाटरलू साबित होगा.'
राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने X पर पोस्ट किया, 'संघी-भाजपाई नादानों, तुम मुसलमानों की जमीनें हड़पना चाहते हो, लेकिन हमने सदा वफ्फ की जमीनें बचाने के लिए कड़ा कानून बनाया है और बनवाने में मदद की है. मुझे अफसोस है कि अल्पसंख्यकों, गरीबों, मुसलमानों और संविधान पर चोट करने वाले इस कठिन दौर में संसद में नहीं हूं, अन्यथा अकेला ही काफी था. सदन में नहीं हूं, तब भी आप लोगों के ख्यालों, ख्वाबों, विचारों और चिंताओं में हूं. यह देख कर अच्छा लगा. अपनी विचारधारा, नीति और सिद्धांतों पर प्रतिबद्धता, अडिगता और स्थिरता ही मेरे जीवन की जमा पूंजी है.'
प्रिय देशवासियों
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 3, 2025
भाजपा जब भी कोई नया बिल लाती है तो दरअसल वो अपनी नाकामी छुपाती है। भाजपा नोटबंदी, जीएसटी, मंदी, महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी, भुखमरी, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी समस्याएं सुलझा नहीं पा रही है, इसीलिए ध्यान भटकाने के लिए वक़्फ़ बिल लायी है।
वक़्फ़…
तृणमूल कांग्रेस ने अपने राज्यसभा सांसद नदिमुल हक का संसद में वक्फ बिल के विरोध में दिए गए भाषण का एक वीडियो X पर शेयर करते हुए लिखा, 'संविधान सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि एक मार्गदर्शक है जो हमें सही रास्ता दिखाता है. हमारे सांसद नदिमुल हक ने संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ आवाज उठाई, जो हमारे लोकतंत्र की नींव के खिलाफ है. ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी हमेशा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और भारत की सच्ची भावना को बनाए रखने के लिए खड़ी रहेगी.'
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा, 'हमने इस विधेयक का जेपीसी में भी विरोध किया था. यह विधेयक भारत के संविधान के खिलाफ है. बाबा साहेब अंबेडकर और भारत के संविधान का ही सम्मान नहीं किया जा रहा है. देश में समुदायों के बीच झगड़ा और विवाद पैदा करने की नीयत से यह विधेयक लाया गया है.'