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'राज्यों को पंगु बना देंगे तो केंद्र भी पंगु हो जाएगा', नीति आयोग की बैठक के बाद बोलीं ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने कहा कि मीटिंग में NDA सहयोगियों को ज्यादा और दूसरी पार्टियों को कम समय दिया गया. उन्होंने कहा कि अगर आप राज्यों को पंगु बना देंगे तो केंद्र भी पंगु हो जाएगा. मीटिंग में लगातार घंटी बजाई जा रही थी. हालांकि असम, अरुणाचल, गोवा के सीएम ने अपनी बात रखी. कुछ लोग तो मीटिंग में 15-20 मिनट तक बोले.

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नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के बाद कोलकाता पहुंची ममता ने केंद्र पर निशाना साधा (फाइल फोटो)
नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के बाद कोलकाता पहुंची ममता ने केंद्र पर निशाना साधा (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 9वीं मीटिंग हुई. मीटिंग में शामिल होने के बाद कोलकाता पहुंचने पर ममता बनर्जी ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि राज्य और केंद्र के बीच हमेशा सहयोगात्मक संबंध होने चाहिए, विकास में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. ममता ने कहा कि इस मीटिंग में कोई नहीं आया. मैंने सोचा कि मैं सभी के लिए बोलूंगी. 

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ममता बनर्जी ने कहा कि मीटिंग में NDA सहयोगियों को ज्यादा और दूसरी पार्टियों को कम समय दिया गया. उन्होंने कहा कि अगर आप राज्यों को पंगु बना देंगे तो केंद्र भी पंगु हो जाएगा. मीटिंग में लगातार घंटी बजाई जा रही थी. हालांकि असम, अरुणाचल, गोवा के सीएम ने अपनी बात रखी. कुछ लोग तो मीटिंग में 15-20 मिनट तक बोले. 

जब मेरी बारी आई तो लगभग 5 मिनट के बाद उन्होंने कहा आप रुकें, इस दौरान मैंने उन्हें भूटान नदी के मुद्दों के बारे में बताया. कई लोग तीस्ता-बांग्लादेश मुद्दे पर गुमराह कर रहे हैं. मैंने कहा कि राज्य एक पार्टी है. लेकिन आपने हमसे कभी बात नहीं की. ऐसा नहीं है कि मैं अपने निर्धारित समय से ज्यादा समय तक अपनी बात रखूं.  

राजनाथ सिंह ने कहा कि सभी के लिए 5-7 मिनट हैं. आप 20 मिनट और उससे अधिक बोल सकते हैं. लेकिन मैंने मीटिंग का बहिष्कार करके अच्छा किया. क्योंकि आप लगातार घंटी बजा रहे थे. मैं इतनी वरिष्ठ नेता हूं, मैंने 6 मिनट से अधिक नहीं बोला. मैं विपक्ष की एकमात्र नेता थी. अब हमें सोचना होगा कि क्या हम जा सकते हैं, वे अब झूठ बोल रहे हैं. यह विपक्ष को डराने की जानबूझकर की गई कोशिश है. 

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बता दें कि ममता बनर्जी नीति आयोग की बैठक को बीच में ही छोड़कर निकल आईं थीं. उन्होंने कहा था कि मैंने बैठक का बहिष्कार किया है. चंद्रबाबू नायडू को बोलने के लिए 20 मिनट दिए गए. असम, गोवा, छत्तीसगढ़ के सीएम ने 10-12 मिनट तक बात की. मुझे सिर्फ पांच मिनट बाद बोलने पर ही रोक दिया गया. यह गलत है. उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से सिर्फ मैं यहां प्रतिनिधित्व कर रही हूं और इस बैठक में इसलिए भाग ले रही हूं क्योंकि सहकारी संघवाद को मजबूत करने में मेरी अधिक रुचि है. नीति आयोग के पास कोई वित्तीय शक्तियां नहीं हैं, यह कैसे काम करेगा? इसे वित्तीय ताकत दें या योजना आयोग को वापस लाएं. मैंने अपना विरोध दर्ज कराया और मैं बाहर आ गई.

वहीं, कांग्रेस ने ममता बनर्जी के दावे पर कहा कि 10 साल पहले अपनी स्थापना के बाद से नीति आयोग PMO से संलग्न ऑफिस रहा है और पीएम के लिए ढोल बजाने का काम करता रहा है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि नीति आयोग ने किसी भी तरह से सहकारी संघवाद को आगे नहीं बढ़ाया है. इसका कामकाज स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण रहा है और यह पेशेवर और स्वतंत्र से बिल्कुल भी नहीं है, यह सभी भिन्न और असहमति वाले विचारों को दबा देता है. इसकी बैठकें एक तमाशा होती हैं. आज पश्चिम बंगाल की सीएम के साथ किया गया व्यवहार नीति आयोग की खासियत है, जो कि पूरी तरह से अस्वीकार्य है. 

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हालांकि ममता के आरोपों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ममता बनर्जी ने मीडिया में कहा है कि उनका माइक बंद कर दिया गया, यह पूरी तरह से झूठ है. सीएम ममता बनर्जी नीति आयोग की बैठक में शामिल हुईं. हम सभी ने उन्हें सुना. हर मुख्यमंत्री को अलॉट किया हुआ समय दिया गया,  जो हर टेबल पर लगी स्क्रीन पर दिखाई दे रहा था. उन्होंने मीडिया में कहा कि उनका माइक बंद कर दिया गया था. यह पूरी तरह से झूठ है.
 

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