पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की तैयारी शुरू हो गई है. राज्य का सबसे बड़ा त्योहार फिर धूम-धाम से मनाया जाएगा. इस बार भी हर जगह खूबसूरत पंडाल सजाए जाएंगे, मां दुर्गा की भक्ति में डूबे भक्त दिखेंगे और कई तरह के खास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. लेकिन इस बीच में एक विवाद खड़ा हो गया है. इस बार दुर्गा पंडाल में सीएम ममता बनर्जी की मूर्ति दिखने वाली है.
ममता की 10 हाथ वाली मूर्ति
आर्टिस्ट मिंटू पाल अपनी टीम के साथ मिलकर ममता बनर्जी की एक 10 हाथ वाली मूर्ति तैयार कर रहे हैं. इस मूर्ति को दुर्गा पूजा के दौरान एक पंडाल में रखा जाएगा. कहा जा रहा है कि इस मूर्ति के बहाने ममता बनर्जी के कार्यकाल में शुरू हुईं 10 योजनाओं के बारे में बताया जाएगा. कुल ऐसी 10 योजनाओं को मूर्ति के जरिए दिखाने का प्रयास होगा.
आर्टिस्ट मिंटू ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मूर्ति पर किसी तरह का कोई विवाद नहीं होना चाहिए. पहले भी कई नेताओं की इस प्रकार की मूर्ति तैयार की गई हैं. उन्होंने ये भी जानकारी दी है कि ममता बनर्जी की उस मूर्ति की पूजा नहीं की जाएगी. उसे सिर्फ पंडाल में लोगों के देखने के लिए रखा जाएगा.
आजतक से बात करते हुए उन्होंने बताया है कि ममता दीदी अपनी योजनाओं के जरिए कई समस्याओं को जड़ से खत्म कर रही हैं. वे उस तरह से काम कर रही हैं जैसे कभी मां दुर्गा ने अपने 10 हाथों से राक्षसों का अंत किया था. हम ममता की इस मूर्ति के जरिए उनकी कन्याश्री से लेकर शुभोश्री योजना को दिखाएंगे.
किसने की है ऑडर?
जानकारी मिली है कि इस मूर्ति का ऑडर Nazrul Park Unnayan Samiti द्वारा किया गया है. ममता बनर्जी की इस मूर्ति को विसर्जित नहीं किया जाएगा. अब मूर्ति बनाने वाले ने तमाम विवाद को दूर करने का प्रयास किया है. ऑडर करने वाले शख्स को भी कोई विवाद नजर नहीं आ रहा. लेकिन इस मूर्ति पर राजनीति शुरू हो चुकी है.
बीजेपी ने साधा निशाना
बीजेपी ने ममता बनर्जी की इस मूर्ति को उनके अहंकार से जोड़ दिया है. शुभेंदु अधिकारी ने तंज कसते हुए कहा है कि जब कोई आपको भगवान की उपाधि देने की कोशिश करता है सिर्फ इसलिए जिससे आप खुश हो जाएं. मतलब साफ है कि आपका अहंकार इतना ज्यादा हो चुका है कि अब विवेक भी काम नहीं करता.