पश्चिम बंगाल के कालियागंज में एक नाबालिग लड़की की मौत और उसके विरोध में मंगलवार को हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सख्त रुख अख्तियार किया है. उन्होंने नाबालिग लड़की की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मामले में उचित कार्रवाई करने की बात कही है.
मुख्यमंत्री बनर्जी ने साथ में यह भी कहा कि नाबालिग लड़की की मौत प्रेम प्रसंग की वजह से हुई थी. उन्होंने वॉट्सऐप मैसेज का हवाला देते हुए कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. लेकिन मैंने कुछ वॉट्सऐप मैसेज देखे हैं. मैंने देखा है कि यह प्रेम प्रसंग का मामला है. डॉक्टरों का कहना है कि लड़की ने जहर खा लिया था. यह आत्महत्या का मामला है. पुलिस इसकी जांच कर रही है.
'घटना की जांच की जाएगी'
उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी. साथ में क्षेत्र में मंगलवार को हुई हिंसा की भी जांच की जाएगी. हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं. लेकिन कल जिस तरह से गुंडागर्दी की गई और जिस तरह से पुलिस पर हमला किया गया और संपत्ति नष्ट की गई. यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
'आरोपियों की संपत्ति कुर्क होगी'
मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि यहां तक कि जब शव ले जाया जा रहा था. उस समय पथराव किया गया. जिस तरह से शव को ले जाया गया, मैं उसका समर्थन नहीं करती. लेकिन वे कर भी क्या सकते थे.
बनर्जी ने कहा कि हमने चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है. मैं पुलिस से कहूंगी कि वे आरोपियों को नहीं बख्शे. यह नहीं देखा जाएगा कि आरोपी किस पार्टी से जुड़े हुए हैं. आरोपियों की संपत्ति कुर्क की जाएगी.
'बीजेपी गुंडागर्दी कर रही'
ममता बनर्जी ने नाबालिग लड़की की मौत को लेकर मंगलवार को हुई हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी बिहार से लोगों को लेकर आई थी और थाने में आग लगवाई. यह सुनियोजित योजना के तहत किया गया. बीजेपी गुंडागर्दी कर रही है क्योंकि केंद्र में बैठी सरकार उनके साथ है.
क्या है मामला?
बीती 21 अप्रैल को 17 साल की एक नाबालिग लड़की का शव कालियागंज की एक नहर में तैरता मिला था. आरोप है कि रेप के बाद लड़की की हत्या कर दी गई थी. इसके विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम की और टायर जला दिए. इस दौरान कई दुकानों में आग लगा दी गई.
शव घसीटने के मामले 4 एएसआई निलंबित
उत्तरी दिनाजपुर जिले में बीते सप्ताह नाबालिग लड़की के शव को सड़क पर घसीटने के आरोप में चार पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया. सस्पेंड किए गए चारों पुलिसकर्मी सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर कालियागंज और रायगंज थाने में तैनात थे.
नाबालिग लड़की की मौत के मामले में चार एएसआई को निलंबित कर दिया गया है जिन्हें किशोरी के शव को घसीटते हुए देखा गया था और उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. पीड़ित परिवार पहले ही कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर घटना की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है.