पश्चिम बंगाल सरकार विधानसभा चुनावों से पहले अगले दो महीनों में राज्य भर के स्कूलों में खाली पदों को भरने के लिए एक अभियान चलाने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्कूलों में रिक्तों पदों को भरे जाने का ऐलान किया है.
राज्य सचिवालय में बुधवार को हुई एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक के बाद निर्णय की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “स्कूलों में लगभग 16,500 रिक्त पद हैं. लगभग 20,000 छात्रों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) परीक्षा उत्तीर्ण की है. हमने फैसला किया है कि कोविड-19 की स्थिति में ढील के बाद दिसंबर और जनवरी से तत्काल शिक्षकों की आवश्यकता होगी.”
ममता बनर्जी ने राज्य शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि कोविड की स्थिति में ढील मिलने के बाद ऑफ लाइन इंटरव्यू आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए. इसमें कहा गया है कि राज्य में नए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) परीक्षा के लिए 2.50 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है.
.@MamataOfficial helps Bengal reach newer heights once again!
— FIRHAD HAKIM (@FirhadHakim) November 11, 2020
Keeping in mind 1L+ families, WB shall see the recruitment of 16,500 teachers who have passed the TET examination.
For the next TET exams, offline arrangements shall also be made.#TETJobsInDidirBangla
यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसे समय में सामने आया है जब हजारों पात्र अभ्यर्थी राज्य सरकार की शिक्षकों की भर्ती पर प्रतिस्पर्धा की नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. पिछले एक साल में राज्य भर में कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं, यहां तक कि लोग आमरण अनशन पर भी बैठे.
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बोर्ड छात्रों को टेस्ट से राहत
ममता बनर्जी ने बोर्ड एग्जाम में बैठने वाले छात्रों को भी राहत दी है. अगले साल अपनी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले स्कूली छात्रों के लिए एक बड़ी राहत मिली है. ममता बनर्जी ने घोषणा की कि कोरोना महामारी के कारण पिछले वर्षों के विपरीत स्कूलों में कोई टेस्ट एग्जाम नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि टेस्ट एग्जाम पास करने वाले छात्रों को ही राज्य बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति होती है. लेकिन कोरोना लॉकडाउन के कारण अधिकांश छात्र स्कूल नहीं जा सके, इस पर विचार किया गया, जिसके बाद यह फैसला किया गया है.