scorecardresearch
 

सुप्रीम कोर्ट में शख्स ने खुद को बताया आध्यात्मिक गुरु, अदालत ने पूछा- आपको कैसे पता

मामले पर बहस के दौरान चीफ जस्टिस ने शख्स से पूछा कि आपको कैसे पता है कि आप एक आध्यात्मिक गुरु हैं? अदालत ने यह भी पूछा कि क्या लड़की ने कोई शिकायत दर्ज करवाई है कि उसे गलत तरीके से कैद करके रखा गया है.

Advertisement
X
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'बालिग महिला अवैध रूप से माता पिता की कैद में'
  • 'शख्स का दावा हमारे साथ रहना चाहती है महिला'

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक अजीब मामला सामने आया. यहां एक शख्स ने खुद को अदालत के सामने 'आध्यात्मिक गुरु' बताकर पेश किया. इस शख्स ने अदालत के सामने अपील की कि उसकी 'महिला पार्टनर' को उसके माता पिता ने अवैध रूप से कैद कर रहा है, जबकि वह बालिग है. 

Advertisement

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक बन्दी प्रत्यक्षीकरण (Habeas corpus) याचिका की सुनवाई के दौरान इस शख्स ने कहा कि वह 'आध्यात्मिक गुरु' (Spiritual guru) है.  

सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायण ने अदालत को कहा कि महिला व्यस्क है, और उसे उसके माता पिता ने अवैध रूप से कैद कर रखा है. वकील गोपाल शंकरनारायण ने कहा कि महिला उसके मुवक्किल की पार्टनर है. महिला ने हाई कोर्ट को अपने बयान में कहा कि वह अपने गुरु के साथ रहना चाहती है. वकील शंकरनारायण के मुताबिक हाई कोर्ट ने गलत तरीके से महिला की कस्टडी उसके माता-पिता को दे दी है. 

देखें: आजतक TV LIVE

मामले पर बहस के दौरान चीफ जस्टिस ने शख्स से पूछा कि आपको कैसे पता है कि आप एक आध्यात्मिक गुरु हैं? अदालत ने यह भी पूछा कि क्या लड़की ने कोई शिकायत दर्ज करवाई है कि उसे गलत तरीके से कैद करके रखा गया है. 

Advertisement

वकील गोपाल शंकरनारायण ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हाई कोर्ट का फैसला हादिया केस में दिए गए जजमेंट के एकदम खिलाफ है. यदि एक व्यस्क महिला कहती है वो किसी के साथ रहना चाहती है तो उसे इसकी इजाजत दी जानी चाहिए. 

आगे मुख्य न्यायाधीश ने कहा ने कि हाई कोर्ट में इस मामले में 19 तारीख को सुनवाई है, हाई कोर्ट को आदेश जारी करने दीजिए इसके बाद हमलोग इस मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई करेंगे. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अगले सप्ताह के लिए टाल दिया. 


 

Advertisement
Advertisement