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मणिपुर: BJP के विधायकों ने की CM एन बीरेन सिंह को हटाने की मांग, PM मोदी को लिखी चिट्ठी

मणिपुर में बीजेपी के 19 विधायकों ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को हटाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भेजी है. विधायकों का कहना है कि राज्य में शांति बहाल करने के लिए सीएम को हटाना ही एकमात्र समाधान है.

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सीएम एन बीरेन सिंह. (फाइल फोटो)
सीएम एन बीरेन सिंह. (फाइल फोटो)

मणिपुर में बीजेपी के 19 विधायकों ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को हटाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भेजी है. इस चिट्ठी पर साइन करने वालों में विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रत सिंह, मंत्री थोंगम विश्वजीत सिंह और युमनाम खेमचंद सिंह शामिल हैं.

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यह चिट्ठी तब लिखी गई जब मंगलवार को दिल्ली में पहली बार मैतेई, कुकी और नागा विधायकों के बीच एक बैठक हुई. चिट्ठी में कहा गया है कि मणिपुर के लोग बीजेपी सरकार से सवाल कर रहे हैं कि राज्य में अभी तक शांति क्यों नहीं बहाल हुई है. अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो विधायकों से इस्तीफा देने की मांग भी की जा रही है. 

'CM को हटाना एकमात्र तरीका'

विधायकों का मानना है कि राज्य में चल रही अशांति को खत्म करने का एकमात्र तरीका मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को हटाना है. चिट्ठी में कहा गया है कि सिर्फ सुरक्षा बलों की तैनाती से मणिपुर की समस्या हल नहीं होगी. जितना ज्यादा यह संघर्ष चलेगा, उतना ही राज्य और देश को नुकसान होगा. 

विधायकों ने PM से की अपील

विधायकों ने पीएम मोदी से अपील की है कि सभी पक्षों के साथ बातचीत शुरू की जाए ताकि राज्य में शांति बहाल हो सके. चिट्ठी में यह भी बताया गया है कि राज्य में व्यापार ठप हो गया है, जिससे महंगाई आसमान छू रही है और कई लोग बेरोजगार हो गए हैं. 

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विधायकों ने साफ कहा कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं. जिससे भारत को काफी नुकसान होगा. पत्र में कहा गया है कि केवल बहुआयामी तरीके से बातचीत और सार्थक जुड़ाव ही सुलह और शांति स्थापित कर सकता है.

इसलिए पत्र में विधायकों ने कहा कि वक्त की मांग है कि बातचीत शुरू करने में बाधा डालने वाले महत्वपूर्ण कारणों की जांच की जाए और इसे सम्मानित करने के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए कार्रवाई की जाए.

लेटर में विधायकों ने यह भी कहा कि सभी फैक्टों को ध्यान में रखते हुए हमने एक बार फिर मणिपुर को सुरक्षित रखने के लिए सभी स्टेकहोल्डरों के साथ मिलकर शांति वर्ता शुरू करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की जाए.

सभी 19 विधायकों द्वारा साइन किए गए पत्र में असामाजिक (एंटी-सोशल एलिमेंट्स) तत्वों की एक्टिविटी और एंटीनेशनल कमर्शियल एस्टेब्लिशमेंट्स के बारे में बताया गया है जो अब बंद हो चुके हैं और अपने कारोबार के लिए मणिपुर से बाहर जगह तलाश रहे हैं.

वहीं, बंद हुए प्रतिष्ठानों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में आवश्यक चीजों की कमी हो रही है और साथ में उनकी कीमत भी आसमान छू रही हैं. इससे महंगाई दर अपने सबसे ऊंची दर पर है. और राज्य के कुछ इलाकों में आवाजाही पर प्रतिबंध के चलते कुछ वर्गों के लोग बेरोजगार हो गए हैं.

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