मणिपुर में जारी अशांति के बीच भारतीय सेना और असम राइफल्स ने 22 मार्च से 25 मार्च तक पांच जिलों में सीक्रेट इन्फॉर्मेशन के आधार पर संयुक्त अभियान चलाकर 32 अवैध हथियार, गोला-बारूद और अन्य युद्ध संबंधी सामान जब्त किए. ये अभियान मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस के साथ मिलकर चलाए गए थे.
किन जिलों में हुई कार्रवाई?
ये संयुक्त अभियान कचिंग, इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, सेनापति और बिष्णुपुर जिलों में चलाया गया. सूत्रों ने इंडिया टुडे टीवी को बताया कि बरामद सभी सामान आगे की जांच के लिए मणिपुर पुलिस को सौंप दिए गए हैं.
क्या-क्या बरामद हुआ?
22 मार्च को काकिंग जिले में असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने एक इम्प्रोवाइज्ड मोर्टार, एक .303 राइफल, एक संशोधित कार्बाइन मशीन गन, 2 सिंगल बैरल राइफल, गोला-बारूद और अतिरिक्त युद्ध संबंधी सामान बरामद किए. सेनापति जिले में चार बोल्ट-एक्शन राइफलें जब्त की गईं. इस बीच इम्फाल ईस्ट में 2 सिंगल-बैरल राइफलें, 2 इम्प्रोवाइज्ड मोर्टार, गोला-बारूद और अन्य सामान बरामद किए गए.
अगले दिन यानी 23 मार्च को भारतीय सेना ने सेनापति जिले के फैकोट से एक इंसास राइफल, एक .303 राइफल और एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर) बरामद की. वहीं, इम्फाल ईस्ट में असम राइफल्स ने एक 2-इंच मोर्टार और एक 0.32 मिमी पिस्तौल बरामद की.
ये ऑपरेशन 24 मार्च को भी जारी रहा. इम्फाल ईस्ट में सेना के जवानों ने एक .22 राइफल, एक 12-बोर डबल-बैरल राइफल, चार 51 मिमी मोर्टार और एक 9 मिमी पिस्तौल बरामद की. वहीं, बिष्णुपुर जिले में सुरक्षाबलों ने एक एके-47, एक 12-बोर राइफल, एक .303 राइफल, एक डबल-बैरल राइफल, एक संशोधित राइफल और 2 इम्प्रोवाइज्ड मोर्टार जब्त किए.
कई सशस्त्र समूहों ने हथियार सरेंडर किए
मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला द्वारा पूर्वोत्तर राज्य में लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से सरेंडर करने के लिए 6 मार्च की समय सीमा जारी करने के कुछ सप्ताह बाद यह बरामदगी हुई है. भल्ला ने सभी समुदायों के लोगों- विशेष रूप से घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं से 7 दिन के अंदर निकटतम पुलिस स्टेशन, चौकी या सुरक्षाबलों के शिविर में अवैध हथियार और गोला-बारूद जमा करने का आग्रह किया था. राज्यपाल के आदेश का पालन करते हुए, कई सशस्त्र समूहों ने इम्फाल में प्रथम मणिपुर राइफल्स परिसर में बड़ी मात्रा में हथियार सरेंडर किए.