अज्ञात व्यक्तियों ने भारतीय सेना के एक जवान सिपाही सर्टो थांगथांग कोम का अपहरण कर लिया और उनकी हत्या कर दी. मारा गया सैनिक छुट्टी पर था और उसे तरुंग, नेइकानलोंग, हैप्पी वैली, इंफाल पश्चिम में उसके घर से अपहरण कर लिया गया था. उन्हें मणिपुर के लीमाखोंग मिलिट्री स्टेशन पर तैनात किया गया था.
सुबह 10 बजे हुआ अपहरण
16 सितंबर 2023 को सुबह लगभग 10:00 बजे सिपाही सर्टो का उनके घर से अपहरण कर लिया गया था. उनका 10 वर्षीय बेटा इस पूरी आपराधिक वारदात का प्रत्यक्षदर्शी है. बेटे ने कहा कि तीन बदमाश घर में घुस आए. उस समय पिता और पुत्र बरामदे में काम कर रहे थे. बदमाशों ने उनके पिता के सिर पर पिस्तौल रख कर उन्हें जबरन एक सफेद रंग की गाड़ी में बैठा लिया और अपने साथ लेकर चले गये.
सिर में गोली मारकर हत्या
आज सुबह तक उस जांबाज की कोई खबर नहीं मिली. सुबह करीब 9:30 बजे उनका शव इंफाल पूर्व के सोगोलमांग पुलिस स्टेशन के तहत मोंगजाम के पूर्व खुनिंगथेक गांव में पाया गया. उनकी पहचान की पुष्टि उनके भाई और बहनोई ने की, जिन्होंने कहा कि सैनिक की हत्या उसके सिर में एक ही गोली मारकर की गई थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. बदमाशों के हाथों मारे जाने वाले बहादुर सैनिक के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटी और एक बेटा है. अंतिम संस्कार परिवार की इच्छा के अनुसार किया जाएगा. सेना ने शोक संतप्त परिवार की हरसंभव सहायता के लिए एक टीम भेजी है. भारतीय सेना सिपाही सर्टो थांगथांग कोम की हत्या की कड़ी निंदा करती है और इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ खड़ी है.
13 सितंबर को दारोगा की हुई थी हत्या
इसके पहले 13 सितंबर को मणिपुर से एक दारोगा की हत्या की खबर भी सामने आई थी. चुराचांदपुर जिले में चिंगफेई बंकर नंबर 1 पर ड्यूटी पर तैनात दारोगा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मृत पुलिसकर्मी की पहचान ओंखोमांग हाओकिप (35) के रूप में हुई है, जिसे दोपहर 1 बजे से 1.30 बजे के बीच एक स्नाइपर ने सिर में गोली मार दी. अधिकारियों के मुताबिक घटना में दो अन्य लोगों को भी गोली लगी थी.
चूराचांदपुर में स्नाइपर ने मारी गोली
जानकारी के मुताबिक घाटी स्थित विद्रोही समूह (वीबीआईजी) के एक स्नाइपर ने बिष्णुपुर और लम्का (चुराचांदपुर) को अलग करने वाले सैन्य बफर जोन के पास कुकी-ज़ो समुदाय के सब-इंस्पेक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी. मीतेई समुदाय के लोगों ने सोशल मीडिया हत्या के बाद जश्न मनाया. ऐसे ही सोशल मीडिया हैंडल ने स्नाइपर की तस्वीर दिखाते हुए कैप्शन दिया: हमारा हीरो जिसने एसआई ओंखोमांग को मार डाला. दरअसल, यह हमला मंगलवार सुबह कांगपोकपी जिले में अज्ञात लोगों द्वारा तीन आदिवासियों की गोली मारकर हत्या किए जाने के एक दिन बाद हुआ है. इससे पहले 8 सितंबर को टेंगनौपाल जिले के पल्लेल में तीन अन्य लोग मारे गए और 50 से अधिक घायल हो गए थे.