मणिपुर के घाटी जिलों में असम राइफल्स द्वारा 26 विलेज वॉलंटियर्स की गिरफ्तारी के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. महिलाएं इसके विरोध में आ गई हैं. मोइरंग बाजार में लोगों ने गिरफ्तार किए गए विलेज वॉलंटियर्स की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.
विरोध प्रदर्शन के दौरान इम्फाल ईस्ट, इम्फाल वेस्ट, थोउबल और बिश्नुपुर जिलों में सड़कों और बाजारों में टायर और लकड़ियां जलाकर विरोध जताया गया.
प्रदर्शनकारियों ने वांगखई-आंद्रो पार्किंग, खुरई (इम्फाल ईस्ट) और यूरिपोक, चांचीपुर (इम्फाल वेस्ट) के बाजार और सड़क किनारे की दुकानों को जबरन बंद करवा दिया. रात में मेईरा रैली निकाली गई, जिसमें विलेज वॉलंटियर्स की गिरफ्तारी रोकने की मांग उठाई गई.
बता दें कि ये कार्रवाई राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की अपील के बाद हुई, जिसमें उन्होंने लोगों से स्वेच्छा से अपने हथियार सौंपने को कहा था. साथ ही चेतावनी भी दी थी कि 7 दिनों के भीतर ऐसा न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
गिरफ्तारी शुक्रवार तड़के काकचिंग जिले में की गई, जहां इन स्वयंसेवकों पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया. हालांकि, लोगों के विरोध के बाद सभी को रिहा कर दिया गया. स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब स्थानीय मैतेई समुदाय ने सुरक्षाबलों की कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 26 विलेज वॉलंटियर्स में से कम से कम 10 छात्र थे, जो वर्तमान में चल रही BoSEM और CoHSEM बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हो रहे थे. जनदबाव के कारण इन छात्रों को तुरंत रिहा कर काकचिंग पुलिस को सौंप दिया गया, जिसके बाद बाकी सभी गिरफ्तार लोगों को भी रिहा कर दिया गया. हालांकि, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा बल स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं.