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अधूरे रह गए परिवार से किए वादे... रोजी-रोटी के लिए वतन छोड़कर कुवैत गए थे भारतीय, स्वदेश लौटे शव

कुवैत की इमारत में लगी आग में पंजाब के होशियारपुर जिले के 63 वर्षीय हिम्मत रॉय की भी मौत हो गई. हिम्मत रॉय परिवार में अकेले कमाने वाले थे. उनकी मौत के बाद अब उनका परिवार बहुत बुरी स्थिति में है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया था कि विदेश से अंग्रेज पंजाब में व्यापार के लिए आएंगे. लेकिन सुनहरे भविष्य के लिए विदेश गए पंजाबियों की दुर्घटनाओं में जान चली गई और अब उनके शव पंजाब लौट रहे हैं.

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स्वदेश लौटे कुवैत में जान गंवाने वाले भारतीयों के शव (PTI)
स्वदेश लौटे कुवैत में जान गंवाने वाले भारतीयों के शव (PTI)

खाड़ी देश कुवैत की एक छह मंजिला इमारत में लगी आग में 45 भारतीयों की मौत हो गई है. इनके शवों को आज स्वदेश लाया गया है. मरने वाले भारतीयों में ऐसे कई लोग थे जो अपने घर में अकेले कमाने वाले थे और अब उनके परिवार पर दुख और संकट का पहाड़ टूट पड़ा है.

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परिवार में अकेले कमाने वाले थे हिम्मत रॉय

कुवैत की इमारत में लगी आग में पंजाब के होशियारपुर जिले के 63 वर्षीय हिम्मत रॉय की भी मौत हो गई. हिम्मत रॉय परिवार में अकेले कमाने वाले थे. उनकी मौत के बाद अब उनका परिवार बहुत बुरी स्थिति में है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया था कि विदेश से अंग्रेज पंजाब में व्यापार के लिए आएंगे. लेकिन सुनहरे भविष्य के लिए विदेश गए पंजाबियों की दुर्घटनाओं में जान चली गई और अब उनके शव पंजाब लौट रहे हैं.

10वीं में पढ़ रहा बेटा

हिम्मत रॉय होशियारपुर के कको गांव के रहने वाले थे. उनकी मौत की खबर जैसे ही मिली परिवार के पैरों तले से जमीन खिसक गई और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. मृतक की पत्नी और दामाद ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हिम्मत रॉय 25 साल से अधिक समय से कुवैत में काम कर रहे थे और परिवार अच्छे से गुजर-बसर कर रहा था. उन्होंने बताया कि हिम्मत रॉय का एक बेटा और दो बेटियां हैं. बेटा अभी 10वीं कक्षा में पढ़ रहा है और बेटियों की शादी हो चुकी है.

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हिम्मत रॉय के दामाद ने भरी आंखों से दुख व्यक्त करते हुए कहा कि होशियारपुर के तहसीलदार ने कल ही उन्हें हिम्मत रॉय की मौत की जानकारी दी लेकिन प्रशासन या सरकार की ओर से कोई भी प्रतिनिधि उन तक नहीं पहुंचा. परिवार में हिम्मत रॉय अकेले कमाने वाले थे और अब उनके बेटे अर्शदीप का भविष्य अंधकार में है.

पूजा पर घर लौटने वाले थे द्वारिकेश

कुवैत में जान गंवाने वाले भारतीयों में एक नाम पश्चिम बंगाल के 52 वर्षीय द्वारिकेश पटनायक का भी है. द्वारिकेश पश्चिम मिदनापुर के दांतन-2 ब्लॉक के तुर्कगढ़ इलाके के रहने वाले थे. द्वारिकेश की मौत की खबर गुरुवार को उनके घर पहुंची. द्वारिकेश पूजा पर घर लौटने वाले थे. फिलहाल पुलिस प्रशासन ने मिदनापुर के सरतपल्ली इलाके में उनके घर से संपर्क किया है. 

यमुनानगर की विजय कॉलोनी के रहने वाले अनिल गिरी भी कुवैत में हुए अग्निकांड के शिकार हो गए. अनिल रोजी-रोटी की तलाश में पांच साल पहले अपने वतन को छोड़कर कुवैत गए थे. परिवार के मुताबिक अनिल फिलहाल घर लौटने की तैयारी में थे लेकिन उनके साथ यह हादसा हो गया.

बिजली लगाने के लिए पैसे भेजने का किया था वादा

कुवैत अग्निकांड के बाद बिहार के दरभंगा का एक युवक लापता है. काले खान नामक युवक उसी इमारत में काम करता था जिसमें आग लगी. उसके परिवार के लोग परेशान हैं. किसी अनहोनी की आशंका में मां का रो-रो कर बुरा हाल है. काले खान दो साल पहले कुवैत गया था. 

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उसने दो दिन पहले मां से बात की थी और घर में बिजली लगाने के लिए पैसे भेजने का वादा किया था लेकिन उसका यह वादा अधूरा रह गया. काले खान की जल्द शादी होने वाली थी. उसके परिवार के लोगों ने कुवैत एम्बेसी से संपर्क किया है लेकिन कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.

(इनपुट: प्रहलाद कुमार/दरभंगा)

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